भाखड़ा से पानी छोड़े जाने के बाद बढ़ा सतलुज का जलस्तर, पिछले साल की डरावनी यादें हुई ताजा
पंजाब में मानसून की सक्रियता के साथ सतलुज दरिया और भाखड़ा बांध के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. हालांकि प्रशासन ने स्थिति सामान्य बताई है, लेकिन पिछले साल की बाढ़ को देखते हुए लोगों की चिंता बढ़ गई है.
चंडीगढ़: पंजाब में बारिश का दौर तेज होने के साथ ही बाढ़ की आशंकाएं फिर चर्चा में आ गई हैं. भाखड़ा बांध में लगातार बढ़ रहे जलस्तर और सतलुज दरिया में छोड़े जा रहे पानी ने नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं. पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ की यादें अभी भी लोगों के मन में ताजा हैं. हालांकि संबंधित विभागों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने जैसी कोई बात नहीं है.
बारिश के कारण भाखड़ा बांध में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है. जलस्तर बढ़ने के बाद बांध से नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा जा रहा है. इसी क्रम में रोपड़ बांध के माध्यम से सतलुज दरिया में करीब 3000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. इसके चलते नदी में पानी की मात्रा बढ़ती दिखाई दे रही है और आसपास के क्षेत्रों के लोग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
प्रशासन ने बताया सामान्य हालात
ड्रेन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में किसी प्रकार का खतरा नहीं है. अधिकारियों के अनुसार शनिवार को सतलुज में लगभग 5500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जबकि रविवार को यह मात्रा करीब 3000 क्यूसेक रही. उनका कहना है कि भाखड़ा बांध का जलस्तर बढ़ा जरूर है, लेकिन यह अभी चिंताजनक स्थिति में नहीं पहुंचा है.
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जलस्तर अधिक दिखने की वजह
विशेषज्ञों के अनुसार नदी में पानी का बहाव फिलहाल एक तरफ अधिक केंद्रित है. सतलुज दरिया के एक हिस्से का स्तर अपेक्षाकृत नीचे और दूसरे हिस्से का स्तर ऊंचा होने के कारण लोगों को पानी ज्यादा दिखाई दे रहा है. यही वजह है कि जलस्तर वास्तविक स्थिति से अधिक प्रतीत हो रहा है.
बरसात के साथ बढ़ेगा पानी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मानसून आगे बढ़ने के साथ नदी में पानी की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ सकती है. सामान्य दिनों में जहां 2000 क्यूसेक से कम पानी बहता था, वहीं बारिश के मौसम में यह स्वाभाविक रूप से बढ़ता है. इसलिए नदी किनारे के इलाकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
पिछले साल की बाढ़ की यादें
पिछले वर्ष पंजाब ने भीषण बाढ़ का सामना किया था. कई जिले जलमग्न हो गए थे और हजारों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी थी. अनेक परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े थे. इसी अनुभव के कारण इस बार लोग सतर्क हैं. प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम पहले से किए जा रहे हैं.