पंजाब युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनावों के नतीजों ने राज्य की युवा राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है. अध्यक्ष पद के लिए हुए डेलीगेट चुनाव में शुभम देवगन सबसे ज्यादा वोट पाने वाले उम्मीदवार बनकर उभरे हैं. उनके प्रदर्शन ने उन्हें अध्यक्ष पद की दौड़ में मजबूत दावेदार बना दिया है. हालांकि पार्टी की प्रक्रिया के अनुसार अंतिम फैसला अभी होना बाकी है. अब सभी की निगाहें कांग्रेस हाईकमान की ओर से होने वाले इंटरव्यू और अंतिम घोषणा पर टिकी हुई हैं.
घोषित परिणामों के अनुसार शुभम देवगन को 1,60,154 वोट मिले. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी गगनदीप सिंह को बेहद करीबी मुकाबले में पीछे छोड़ा. गगनदीप सिंह को 1,56,271 वोट प्राप्त हुए, जबकि करणवीर सिंह ढिल्लों 94,181 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. चुनाव में कुल 4,68,614 वोट डाले गए, जो कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है. परिणाम सामने आने के बाद समर्थकों में उत्साह का माहौल देखा गया.
युवा कांग्रेस की स्थापित प्रक्रिया के तहत केवल वोटों के आधार पर अध्यक्ष की घोषणा नहीं की जाती. अध्यक्ष पद की दौड़ में शीर्ष तीन स्थान हासिल करने वाले उम्मीदवारों का कांग्रेस हाईकमान इंटरव्यू लेता है. इसके बाद संगठन की जरूरतों और नेतृत्व क्षमता सहित विभिन्न पहलुओं पर विचार कर अंतिम निर्णय लिया जाता है. इसी कारण सबसे अधिक वोट मिलने के बावजूद शुभम देवगन की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है.
यदि हाईकमान की मंजूरी मिलती है तो शुभम देवगन अगस्त 2023 में अध्यक्ष बने मोहित मोहिंद्रा का स्थान ले सकते हैं. मोहिंद्रा ने अपने कार्यकाल के दौरान संगठन को मजबूत करने का प्रयास किया था. अब नई नेतृत्व टीम को लेकर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच उत्सुकता बढ़ गई है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह चुनाव आने वाले समय में संगठन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा.
अध्यक्ष पद के अलावा संगठन के कई अन्य महत्वपूर्ण पदों के परिणाम भी घोषित किए गए हैं. राज्य महासचिव (ईसी) पद पर गुरजोत सिंह ने सबसे अधिक 39,568 वोट प्राप्त किए. राज्य सचिव (ईसी) पद पर रविंदर सिंह शीर्ष पर रहे. विभिन्न श्रेणियों के उपाध्यक्ष पदों पर भी उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की. इनमें परमवीर सिंह धाडेकटवाल, नवतेज सिंह अमरकोट, अरशद खान राणा, शिवानी शर्मा, रूपिंदर सिंह भुल्लर और मनप्रीत कौर प्रमुख नामों में शामिल रहे. इन नतीजों के साथ संगठन के नए नेतृत्व की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है.