'पहले परफॉर्मेंस दिखाओ फिर...', पंजाब कांग्रेस में चल रहे घमासान पर सीएम भगवंत मान ने राहुल गांधी और नवजोत सिद्धू पर कसा तंज
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राहुल गांधी और नवजोत सिंह सिद्धू पर बिना परफॉर्मेंस पद मांगने का आरोप लगाया है. साथ ही पंजाब चुनाव आयोग ने निष्पक्ष चुनाव को लेकर पुलिस को सख्त निर्देश जारी किए हैं.
चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नवजोत सिंह सिद्धू पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है. मान ने कहा कि दोनों नेताओं की समस्या एक जैसी है क्योंकि वे बिना जमीन पर नतीजे दिखाए बड़े पद की मांग करते हैं. मीडिया से बातचीत में भगवंत मान ने कहा कि राहुल गांधी बार बार कहते हैं कि उन्हें प्रधानमंत्री बना दिया जाए और फिर वे कुछ कर दिखाएंगे.
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देश की जनता कह रही है कि पहले काम करके दिखाइए, नतीजे दिखाइए, फिर प्रधानमंत्री बनने की बात होगी. मुख्यमंत्री ने इसी तुलना को पंजाब की राजनीति से जोड़ते हुए नवजोत सिंह सिद्धू पर भी निशाना साधा. मान ने कहा कि सिद्धू चाहते हैं कि पंजाब की जनता उन्हें मुख्यमंत्री बना दे, लेकिन लोग उनसे भी यही पूछ रहे हैं कि पहले अपने काम और प्रदर्शन से भरोसा जीतो, फिर आगे की बात होगी.
भगवंत मान ने क्यों दिया ऐसा बयान?
मान के कहा कि लोकतंत्र में पद मांगने से नहीं मिलते बल्कि मेहनत और जनसेवा से हासिल होते हैं. भगवंत मान की यह टिप्पणी नवजोत कौर सिद्धू के हालिया बयानों के बाद आई है, जिनमें उन्होंने पंजाब कांग्रेस नेतृत्व की खुलकर आलोचना की थी. मान ने बिना नाम लिए कहा कि कांग्रेस के भीतर इस तरह के सार्वजनिक बयान यह दिखाते हैं कि पार्टी में नेतृत्व को लेकर स्पष्टता और जवाबदेही की कमी है.
सीएम ने मतदाता को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि जनता अब ऐसे राजनीतिक ड्रामे से प्रभावित नहीं होती. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का मतदाता जागरूक है और केवल भाषण या दावे नहीं बल्कि ठोस काम देखना चाहता है. मान ने अपनी सरकार को परिणाम देने वाली सरकार बताते हुए कहा कि पंजाब की जनता अब कामकाज के आधार पर फैसले करती है. उन्होंने दो टूक कहा कि यह दौर डिलीवरी का है, डिमांड का नहीं.
राज्य चुनाव आयोग ने क्या दिए निर्देश?
इसी बीच पंजाब राज्य चुनाव आयोग ने आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को लेकर पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं. आयोग ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने को कहा है. आयोग ने हाल की कुछ घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि पुलिस को किसी भी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में काम करने की छवि से बचना चाहिए.
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