पंजाब में SIR अभियान के लिए शनिवार-रविवार खुलेंगे स्कूल, शिक्षकों की छुट्टी रद्द! सरकार ने जारी किए सख्त निर्देश

पंजाब सरकार ने एसआईआर-2026 अभियान के लिए 11 और 12 जुलाई को सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल खुले रखने का फैसला किया है.

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Ashutosh Rai

पंजाब सरकार ने विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने के लिए नया आदेश जारी किया है. इसके तहत शनिवार और रविवार यानी 11 और 12 जुलाई को सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल खुले रहेंगे. हालांकि, इन दिनों कक्षाओं का संचालन नहीं होगा और पूरा स्टाफ चुनाव कार्य में सहयोग करेगा.

एसआईआर अभियान के लिए जारी हुए नए निर्देश

स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि 11 और 12 जुलाई को राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे. विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार इन दोनों दिनों में स्कूलों का पूरा शिक्षकीय और गैर-शिक्षकीय स्टाफ अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहेगा. यह फैसला मुख्य चुनाव अधिकारी, पंजाब के 9 जुलाई को जारी निर्देशों के आधार पर लिया गया है. सरकार का कहना है कि इन तारीखों पर एसआईआर-2026 के तहत विशेष शिविर लगाए जाएंगे. ऐसे में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. सभी कर्मचारियों को समय पर विद्यालय पहुंचकर चुनाव से जुड़े अधिकारियों के साथ मिलकर अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए गए हैं.

चुनाव कार्य को मिलेगी प्राथमिकता

सरकार ने अपने आदेश में साफ किया है कि इन दोनों दिनों में स्कूल परिसर खुले रहेंगे लेकिन नियमित कक्षाएं नहीं लगेंगी. शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को मतदाता पुनरीक्षण अभियान से जुड़े कामों में सहयोग करना होगा. उन्हें संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने के लिए कहा गया है. सरकार का मानना है कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों का सहयोग जरूरी है. इसलिए शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है. इससे मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण का काम तय समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी.


सभी जिलों के अधिकारियों को पालन कराने के निर्देश

स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश की प्रतियां सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, निदेशकों और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भेज दी हैं. विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आदेश का पूरी तरह पालन कराया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो. अधिकारियों से कहा गया है कि सभी स्कूलों में स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि एसआईआर अभियान के दौरान किसी तरह की परेशानी न आए. सरकार का कहना है कि यह अभियान लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की गई है. इसलिए स्कूलों के कर्मचारी भी इस विशेष कार्य में अपनी भूमिका निभाएंगे.