Punjab Weather: पंजाब में सुस्त पड़ा मानसून, बढ़ेगा गर्मी और उमस का असर; जानें वेदर अपडेट
पंजाब में मानसून फिलहाल कमजोर पड़ गया है. अगले पांच दिनों तक किसी भी जिले के लिए मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है. अधिकांश स्थानों पर हल्की या छिटपुट बारिश हो सकती है, जबकि भारी बारिश की संभावना नहीं है.
चंडीगढ़: पंजाब में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के चंडीगढ़ केंद्र की ओर से जारी ताजा कृषि मौसम बुलेटिन के मुताबिक अगले पांच दिनों तक राज्य में किसी तरह का मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है. अधिकांश जिलों में केवल हल्की या छिटपुट बारिश होने की संभावना है. भारी बारिश की फिलहाल कोई चेतावनी नहीं है.
मौसम विभाग के अनुसार 8 अगस्त को अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, मोगा, फिरोजपुर, फरीदकोट, मुक्तसर, फाजिल्का, बरनाला, संगरूर, पटियाला और फतेहगढ़ साहिब में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है.
अन्य जिलों में क्या है स्थिति?
वहीं गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, बठिंडा, मानसा और मोहाली में भी कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा होने का अनुमान है. किसी भी जिले में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी नहीं किया गया है.
Also Read
मौसम विज्ञान केंद्र ने क्या बताया?
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 13 अगस्त तक पंजाब में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है. हालांकि राज्य के पूर्वी हिस्सों में कुछ स्थानों पर सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है. इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रहने का अनुमान है.
अगले पांच दिनों में केवल छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. व्यापक और तेज बारिश के आसार फिलहाल नहीं हैं. इसी वजह से 11 अगस्त के लिए भी यलो, ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है.
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
मानसून कमजोर पड़ने से जिन इलाकों में बारिश नहीं होगी, वहां दिन के समय उमस बढ़ सकती है. बारिश की कमी और बढ़ी हुई नमी के कारण लोगों को तापमान सामान्य रहने के बावजूद ज्यादा गर्मी महसूस हो सकती है. फिलहाल मौसम में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं.
कृषि विशेषज्ञों ने क्या बताया?
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को अगले चार से पांच दिनों तक फसलों में सिंचाई फिलहाल टालने की सलाह दी है. खेतों में अतिरिक्त पानी जमा होने की स्थिति में निकासी की उचित व्यवस्था करने को कहा गया है.
मौसम साफ रहने पर ही उर्वरकों और फसल सुरक्षा रसायनों का छिड़काव करने की सलाह दी गई है. किसानों को धान, गन्ना और कपास की फसलों की नियमित निगरानी करने तथा कीट प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है.
फिलहाल पंजाब में मानसून कमजोर बना हुआ है और व्यापक बारिश की संभावना कम है. ऐसे में लोगों को आने वाले दिनों में बारिश से ज्यादा उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है.