पंजाब सरकार का सराहनीय कदम, 'आशीर्वाद योजना' से बेटियों की शादी का बोझ हल्का

पंजाब सरकार ने गरीब परिवारों की बेटियों की शादी को आसान बनाने के लिए 'आशीर्वाद योजना' के तहत बड़ा कदम उठाया है. इस वित्तीय वर्ष 2026-27 में सरकार ने योजना के तहत 16.74 करोड़ रुपये जारी किए हैं, जिससे 3282 लाभार्थी परिवारों को फायदा पहुंचा है.

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चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने गरीब परिवारों की बेटियों की शादी को आसान बनाने के लिए 'आशीर्वाद योजना' के तहत बड़ा कदम उठाया है. इस वित्तीय वर्ष 2026-27 में सरकार ने योजना के तहत 16.74 करोड़ रुपये जारी किए हैं, जिससे 3282 लाभार्थी परिवारों को फायदा पहुंचा है.

पंजाब सरकार का सराहनीय कदम

सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि हर लाभार्थी बेटी की शादी के लिए सरकार 51,000 रुपये की आर्थिक मदद दे रही है. यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पारदर्शी तरीके से ट्रांसफर की जा रही है.


डॉ. बलजीत कौर ने कहा- 'बेटी का विवाह गरीब माता-पिता के लिए बोझ या कर्ज का कारण नहीं बनना चाहिए. पंजाब सरकार हर जरूरतमंद परिवार के साथ बड़े भाई और बेटे की तरह खड़ी है. हमारा लक्ष्य सिर्फ कागजी कार्यवाही नहीं, बल्कि असल मदद पहुंचाना है. जब बेटी अपने घर से विदा हो तो माता-पिता के चेहरे पर चिंता की जगह खुशी और सुकून हो.'

'आशीर्वाद योजना' का मकसद

यह योजना गरीब परिवारों पर शादी के खर्च का बोझ कम करने के लिए शुरू की गई है. सरकार का मानना है कि बेटियों के विवाह में आर्थिक सहायता देकर परिवारों को राहत दी जा सकती है. योजना के तहत दी गई राशि से परिवार बिना किसी परेशानी के बेटी की शादी सम्पन्न कर सकते हैं.

कौन ले सकता है लाभ?

योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी जरूरी हैं:  आवेदक पंजाब का स्थायी निवासी होना चाहिए.

परिवार अनुसूचित जाति (SC), पिछड़ा वर्ग (OBC) या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से संबंधित होना चाहिए.

परिवार की कुल वार्षिक आय 32,790 रुपये से कम होनी चाहिए.

चालू वित्तीय वर्ष में 14 जिलों से कुल 3282 आवेदन मिले और सभी को मंजूरी देकर राशि जारी कर दी गई. इन जिलों में अमृतसर, बठिंडा, जालंधर, पटियाला, संगरूर, मानसा, कपूरथला, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, बरनाला, एसएएस नगर, एसबीएस नगर, पठानकोट और मलेरकोटला शामिल हैं.