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हंगामे से चुनाव तक, फिर वोटिंग के दिन क्यों नहीं दिखी भीड़? PU Senate के आंकड़ों ने उड़ाए होश

पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव 2026 में Registered Graduates constituency में 6.25 लाख से ज्यादा मतदाताओं के बावजूद सिर्फ 14.68 प्रतिशत वोटिंग हुई. करीब 91,750 ग्रेजुएट्स ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया.

AI
Babli Rautela

पंजाब यूनिवर्सिटी यानी PU के Senate Election 2026 में Registered Graduates constituency की वोटिंग ने चुनाव को लेकर एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है. 6.25 लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड ग्रेजुएट मतदाताओं वाली इस सीट पर सिर्फ 14.68 प्रतिशत लोगों ने ही मतदान किया. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक करीब 91,750 मतदाताओं ने अपने वोट का इस्तेमाल किया.

खास बात यह है कि चुनाव को लेकर पिछले कई महीनों से विश्वविद्यालय और पंजाब की राजनीति में काफी चर्चा रही थी. इसके बावजूद Registered Graduates constituency में मतदान का आंकड़ा करीब 15 प्रतिशत तक ही पहुंच सका. 

6.25 लाख से ज्यादा वोटर, वोट पड़े करीब 92 हजार

Registered Graduates constituency में 6.25 लाख से अधिक मतदाता दर्ज थे. इनमें से करीब 91,750 लोगों ने मतदान किया. यानी कुल मतदान प्रतिशत 14.68 रहा. इस constituency में 15 Senate सीटों के लिए 51 उम्मीदवार मैदान में थे. मतदान के लिए अलग अलग जगहों पर बूथ बनाए गए और बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय कर्मचारियों को चुनावी ड्यूटी में लगाया गया. 


इसके मुकाबले विश्वविद्यालय की कुछ दूसरी constituencies में मतदान काफी ज्यादा रहा. विश्वविद्यालय के मुताबिक शिक्षकों में 91.72 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि principals constituency में 100 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया.

चुनाव पर 2 करोड़ से ज्यादा खर्च

इतने बड़े स्तर पर चुनाव कराने के लिए विश्वविद्यालय को भारी संसाधन लगाने पड़े. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव की पूरी प्रक्रिया पर खर्च 2 करोड़ रुपये से ज्यादा रहने का अनुमान था. Registered Graduates constituency के लिए 281 बूथों पर व्यवस्था की गई थी और 1,500 से ज्यादा विश्वविद्यालय कर्मचारियों को चुनावी ड्यूटी में लगाया गया. चुनाव प्रक्रिया के लिए फर्नीचर, मतदान सामग्री और कर्मचारियों की व्यवस्था पर भी खर्च हुआ. 

वोटर लिस्ट भी चर्चा में

कम मतदान के बाद मतदाता सूची को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. चुनाव प्रक्रिया के दौरान विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर Registered Graduates की preliminary और supplementary voter lists के साथ discrepancy, duplicate और ineligible voters से जुड़ी सूचनाएं भी जारी की गई थीं. विश्वविद्यालय के आधिकारिक चुनाव पोर्टल पर 2026 के लिए Registered Graduates की final और supplementary voter lists से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध हैं. इससे साफ है कि मतदाता सूची को लेकर चुनाव से पहले भी कई स्तर पर प्रक्रिया चलती रही थी. 

हालांकि कम मतदान का एकमात्र कारण वोटर लिस्ट की खामियों को मानना अभी जल्दबाजी होगी. इसके पीछे मतदाताओं की चुनाव में रुचि, मतदान केंद्रों तक पहुंच, जागरूकता और चुनावी प्रक्रिया जैसे कई कारण हो सकते हैं.