'आपने वर्दी का असली मतलब समझाया...', सुखबीर बादल की जान बचाने वाले इंस्पेक्टर से मिलीं हरसिमरत कौर

नांदेड़ में सुखबीर सिंह बादल पर हमले के दौरान इंस्पेक्टर संतोष वैजनाथ केंद्र ने तत्काल कार्रवाई कर बड़ा हादसा टाल दिया. घायल अधिकारी को हरसिमरत कौर बादल ने अस्पताल पहुंचकर धन्यवाद दिया.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के नांदेड़ में 13 अगस्त को सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले के बाद एक पुलिस अधिकारी की सतर्कता चर्चा में है. महाराष्ट्र पुलिस के इंस्पेक्टर संतोष वैजनाथ केंद्र ने हमलावर को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाया. इस दौरान वह हमलावर और बादल के बीच आ गए और खुद भी घायल हुए. बादल के हाथ में भी चोट लगी, लेकिन स्थिति को तुरंत संभाल लिया गया. अगले दिन हरसिमरत कौर बादल अस्पताल पहुंचीं और इंस्पेक्टर का हाल जाना.

पुलिस के मुताबिक, दोपहर करीब 1:45 से 1:50 बजे के बीच सुखबीर सिंह बादल गुरुद्वारा माता साहिब से बाहर निकल रहे थे. तभी एक व्यक्ति उनकी ओर तेजी से बढ़ा. आरोपी ने शॉल के नीचे कृपाण छिपा रखी थी. वह बादल के काफी करीब पहुंच गया और हमला करने की कोशिश की. तभी इंस्पेक्टर संतोष केंद्र की नजर उस पर पड़ी. उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप किया और हमलावर को रोकने की कोशिश की.

संतोष ने कैसे बचाया बड़ा हादसा

हमलावर के वार को रोकने के प्रयास में इंस्पेक्टर संतोष खुद बादल और हमलावर के बीच आ गए. इससे वार की दिशा बदल गई और सुखबीर बादल के हाथ में चोट लगी. संतोष के हाथ पर भी चोट आई. सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत आरोपी को पकड़ लिया. पुलिस ने उसकी पहचान जसपाल सिंह के रूप में की है. पुलिस के अनुसार, वह निहंग सिख है और गुरुद्वारे में काम करता था.


2001 में कांस्टेबल बने थे संतोष

संतोष वैजनाथ केंद्र ने वर्ष 2001 में कांस्टेबल के रूप में पुलिस सेवा शुरू की थी. सेवा के दौरान पदोन्नति पाते हुए वह इंस्पेक्टर बने. VIP सुरक्षा ड्यूटी में तैनाती के दौरान उनकी जिम्मेदारी काफी संवेदनशील थी. हरसिमरत कौर से बातचीत में उन्होंने बताया कि हमले के समय प्रतिक्रिया के लिए उनके पास केवल एक सेकंड था. संतोष के अनुसार, उन्होंने वही किया जिसके लिए पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाता है.

हरसिमरत कौर ने अस्पताल पहुंचकर जताया आभार

हमले के अगले दिन हरसिमरत कौर बादल घायल इंस्पेक्टर संतोष से मिलने अस्पताल पहुंचीं. उन्होंने उनका हाल जाना और बहादुरी के लिए धन्यवाद दिया. हरसिमरत ने सोशल मीडिया पर भी उनकी तारीफ की और कहा कि उन्होंने सुखबीर बादल की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डाली. उन्होंने संतोष को बादल और हमलावर के बीच खड़ी इंसानी ढाल बताया और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की.

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

सुखबीर बादल के नांदेड़ दौरे के दौरान महाराष्ट्र और पंजाब पुलिस की टीमें तैनात थीं. उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी ASP स्तर के अधिकारी के पास थी. इसके बावजूद हमलावर सुरक्षा घेरे के काफी करीब पहुंच गया. घटना के बाद VIP सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. आरोपी के पास कृपाण कैसे पहुंची और सुरक्षा जांच में कहां चूक हुई, इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा.