'वोट नहीं कटे, सिर्फ अनमैप्ड हैं... अफवाह फैलाने वालों पर होगी FIR...', डीसी ने दी चेतावनी
लुधियाना में 6.61 लाख मतदाता अनमैप्ड श्रेणी में हैं लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी का वोट नहीं कटा है. 25 जून से घर-घर सत्यापन अभियान शुरू होगा. चलिए जानते हैं अफवाह फैलाने वालों के क्या चेतावनी दी गई.
लुधियाना: पंजाब के लुधियाना जिले में मतदाता सूची से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है. जिले में करीब 6.61 लाख मतदाता ऐसे हैं जिनकी वोटें फिलहाल 'अनमैप्ड' श्रेणी में दर्ज हैं. इस स्थिति के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों के वोट कटने की चर्चाएं शुरू हो गई थीं. हालांकि जिला उपायुक्त एवं जिला चुनाव अधिकारी हिमांशु जैन ने इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है.
डीसी ने कहा कि जिले में 75.40 प्रतिशत मतदाताओं की सफलतापूर्वक मैपिंग हो चुकी है, जबकि 24.60 प्रतिशत मतदाता अभी अनमैप्ड श्रेणी में हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि अनमैप्ड होने का अर्थ यह नहीं है कि किसी मतदाता का नाम वोटर सूची से हटा दिया गया है. सभी पात्र मतदाताओं के नाम सूची में सुरक्षित हैं और उन्हें मतदान का पूरा अधिकार प्राप्त रहेगा.
उन्होंने आगे क्या बताया?
उन्होंने बताया कि अनमैप्ड वोटर्स के पास अपनी जानकारी अपडेट कराने और वोट को मैप करवाने के लिए तीन अवसर उपलब्ध रहेंगे. पहला अवसर तब मिलेगा जब बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ घर-घर जाकर सर्वे करेंगे. दूसरा अवसर ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद आपत्तियां और सुझाव दर्ज कराने के दौरान मिलेगा. तीसरा अवसर नोटिस जारी होने के बाद उपलब्ध होगा. इन तीनों चरणों में मतदाता अपनी जानकारी सही करवा सकते हैं.
Also Read
- संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से की मुलाकात, MSP समेत कई मुद्दों पर सौंपा ज्ञापन
- अब कोई नहीं चुरा पाएगा अमृतसरी कुलचे का असली स्वाद, मिलने जा रहा है GI टैग, DC कार्यालय में अहम बैठक
- रात में ATM में सोता था युवक, फिर रच डाली 18 लाख उड़ाने की साजिश; DCP का बड़ा खुलासा
प्रशासन ने क्या की घोषणा?
प्रशासन ने घोषणा की है कि 25 जून 2026 से बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन अभियान शुरू करेंगे. इस दौरान मैप्ड और अनमैप्ड दोनों प्रकार के मतदाताओं से संपर्क किया जाएगा. उनसे जरूरी दस्तावेज लिए जाएंगे और एनुमरेशन फॉर्म भरवाए जाएंगे ताकि मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट किया जा सके.
डीसी हिमांशु जैन ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम चुनाव आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के बिना नहीं हटाया जा सकता. यदि किसी नाम को हटाने पर विचार किया जाता है तो संबंधित व्यक्ति को पहले आधिकारिक नोटिस भेजा जाता है. उसके जवाब और जांच के बाद ही निर्वाचन अधिकारी अंतिम निर्णय लेते हैं.
प्रशासन ने क्या दी चेतावनी?
प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है. डीसी ने कहा कि जानबूझकर गलत जानकारी फैलाने और लोगों में भ्रम पैदा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज करने की भी चेतावनी दी गई है.