बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये का मुफ्त इलाज, अब इलाज करवाने में आर्थिक तंगी बाधा नहीं बनेगी : CM भगवंत सिंह मान

पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मोहाली में 916 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे. 'मिशन रोजगार' के तहत अब तक 63,943 युवाओं को बिना रिश्वत या सिफारिश के सरकारी नौकरियां दी गईं. पिछली सरकारों की आलोचना करते हुए स्वास्थ्य योजना, टोल प्लाजा बंदी, आम आदमी क्लिनिक और मुफ्त बिजली जैसी कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया. पारदर्शी भर्ती पर जोर दिया.

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Kanhaiya Kumar Jha

मोहाली: आज मोहाली में विभिन्न विभागों के नव-नियुक्त 916 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन नियुक्तियों से ‘मिशन रोज़गार’ के तहत बिना किसी रिश्वत या सिफ़ारिश के सरकारी नौकरियाँ देने के लिए ‘आप’ सरकार की प्रतिबद्धता सिद्ध होती है.

अब तक 63,943 युवाओं को सरकारी नौकरियाँ देने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में और युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे, जबकि इससे पहले पिछली सरकारों के समय योग्यता की बजाय रिश्वत और सिफ़ारिश से नौकरियाँ देने के फ़ैसले होते थे.

 'मिशन रोजगार के तहत युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी'

एक्स पर कार्यक्रम की कुछ झलकियाँ साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज मोहाली में विभिन्न विभागों के 916 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए. उन्हें पूरी लगन और ईमानदारी से पंजाब और इसके लोगों की सेवा करने के लिए शुभकामनाएँ दी गईं. अब तक 63,943 युवाओं को बिना रिश्वत या सिफ़ारिश के सरकारी नौकरियाँ प्रदान की गई हैं. आने वाले दिनों में भी ‘मिशन रोज़गार’ के तहत युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी.”

नए भर्ती हुए नवयुवकों को नियुक्ति पत्र बांटते हुए विकास भवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों से सत्ता में बैठे लोगों के रिश्तेदारों और चहेतों ने राज्य के लड़के-लड़कियों की योग्यता को दरकिनार किया, जिससे हज़ारों होनहार युवाओं के सपने तबाह हो गए. उन्होंने कहा, “पहले पंजाब के युवाओं के अधिकार सत्ताधारी लोगों के चहेतों द्वारा छीन लिए जाते थे. शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जैसे महान शहीदों को यह देखकर बहुत दुख होता कि आज़ादी के 70 वर्षों से अधिक समय बाद भी उनके सपने पूरे नहीं हुए. यह हम सभी के लिए शर्म की बात है.”

'पिछली सरकारों ने शिक्षा और नौकरियों के पैसे लूटे'

मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि पद संभालने के बाद से उनकी सरकार देश के महान राष्ट्रीय नायकों के सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि जहाँ पिछली सरकारों ने शिक्षा और नौकरियों के पैसे लूटे, वहीं उनकी सरकार ने युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के दरवाज़े खोले. पिछले चार वर्षों में 63,943 युवाओं को सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं.

नव-नियुक्त उम्मीदवारों के लिए इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उन युवाओं के लिए स्वर्णिम दिन है, जिन्होंने विभिन्न विभागों में नौकरियाँ हासिल की हैं. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने पूरी पारदर्शिता से 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ प्रदान करने का आँकड़ा पार कर लिया है. उन्होंने कहा कि इस सब के विपरीत केंद्र सरकार ऐसी शर्तों वाली योजनाएँ पेश कर रही है, जो आम आदमी के लिए अधिक अनुकूल नहीं हैं.

अपनी सरकार की कल्याणकारी पहलों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ शुरू की है, जो राज्य का सबसे बड़ा स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम है. अब हर पंजाबी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा; पहले यह सीमा 5 लाख रुपये थी, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है. इस योजना से लगभग 65 लाख परिवारों को लाभ मिलेगा.

19 टोल प्लाज़ा बंद, आम लोगों की रोज़ाना 64 लाख रुपये की बचत

उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार ने पंजाब में 19 टोल प्लाज़ा बंद कर दिए हैं, जिससे आम लोगों की रोज़ाना 64 लाख रुपये की बचत हो रही है. राज्य भर में 881 आम आदमी क्लिनिक खोले गए हैं, जहाँ मुफ़्त इलाज और दवाइयाँ उपलब्ध हैं. जुलाई 2022 से 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ़्त बिजली मिल रही है, इसके बावजूद विपक्ष सरकार के कामों में कमियाँ निकालने में लगा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को महान खिलाड़ियों, जनरलों, परोपकारी लोगों और अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की समृद्ध विरासत मिली है, जिन्होंने अपने खून-पसीने से देश की सेवा की. उनकी सरकार जन-समर्थक और विकासोन्मुख पहलों के माध्यम से समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है. उन्होंने  कहा कि बेरोज़गारी कई सामाजिक समस्याओं की जड़ है और इसे जड़ से समाप्त करने के लिए सरकार इस पर केंद्रित है.

पारदर्शी भर्ती के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता

पारदर्शी भर्ती के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी रिक्त पदों को एक सुव्यवस्थित और पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से तुरंत भरा जा रहा है. लगभग 64,000 नौकरियों में से एक भी नियुक्ति को किसी अदालत में चुनौती नहीं दी गई है, जो पंजाब सरकार के लिए गर्व की बात है, क्योंकि ये सभी नियुक्तियाँ केवल योग्यता के आधार पर की गई हैं.

इस अवसर को यादगार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नव-नियुक्त युवा अब पंजाब सरकार के परिवार का हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने केवल चार वर्षों में रिकॉर्ड 63,000 से अधिक नौकरियाँ दी हैं. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद से दूर रखते हुए सभी नियुक्तियाँ मेरिट के आधार पर की गई हैं. उन्होंने कहा कि सरकार स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार कर पंजाब को एक प्रगतिशील राज्य बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी, बुनियादी ढाँचा और कानून-व्यवस्था उनकी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएँ हैं. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों को पूरी पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ निभाते हुए अपनी कलम का उपयोग समझदारी से जनता की सेवा में करें.

इस दौरान नव-नियुक्त उम्मीदवारों में से रूपनगर की डॉ. पूजा ने कहा कि राज्य सरकार का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है. मुक्तसर साहिब की जसनप्रीत कौर ने भर्ती अभियान के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया. अमृतसर की डॉ. दमनप्रीत कौर ने निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की सराहना की.

मोगा के वेटरनरी अधिकारी डॉ. कमलप्रीत सिंह ने कहा कि यह नौकरी उन्हें पूरी तरह योग्यता के आधार पर मिली है. सहकारी इंस्पेक्टर जसप्रीत कौर ने कहा कि उन्हें दूसरी सरकारी नौकरी भी बिना रिश्वत या सिफ़ारिश के मिली है.

डॉ. मुकेश ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उनकी तीसरी सरकारी नौकरी है और वे इसे अपनी माँ तथा पंजाब के लोगों की सेवा को समर्पित करते हैं. अमृतसर की स्टाफ़ नर्स तमन्ना ने इसे अपने परिवार के लिए सपना साकार होने जैसा बताया. इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, गुरमीत सिंह खुडियाँ और अन्य उपस्थित थे.