पंजाब में वोटर लिस्ट अपडेट का नया शेड्यूल, 3 अगस्त तक होगा घर-घर सत्यापन
भारत निर्वाचन आयोग ने पंजाब में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का संशोधित कार्यक्रम जारी किया है. नए शेड्यूल के तहत सत्यापन, ड्राफ्ट सूची, दावे-आपत्तियां और अंतिम मतदाता सूची की सभी प्रमुख तारीखों में बदलाव किया गया है.
चंडीगढ़: भारत निर्वाचन आयोग ने पंजाब में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रक्रिया के लिए नया कार्यक्रम जारी किया है. आयोग ने मुख्य चुनाव अधिकारी पंजाब को संशोधित शेड्यूल भेज दिया है. नई समय-सीमा के अनुसार घर-घर सत्यापन से लेकर अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन तक की कई तारीखों में बदलाव किया गया है. आयोग का उद्देश्य सभी पात्र मतदाताओं का सही रिकॉर्ड तैयार करना और सूची को अधिक सटीक बनाना है.
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ अब 3 अगस्त 2026 तक घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे. पहले यह प्रक्रिया जुलाई में समाप्त होनी थी, लेकिन आयोग ने इसे आगे बढ़ा दिया है. इस दौरान मतदाताओं की जानकारी का मिलान किया जाएगा ताकि रिकॉर्ड पूरी तरह अद्यतन हो सके.
ड्राफ्ट सूची और दावे-आपत्तियों की नई तारीखें
आयोग के नए कार्यक्रम के तहत प्रारूप मतदाता सूची अब 13 अगस्त 2026 को प्रकाशित की जाएगी. इसके बाद नागरिक 12 सितंबर 2026 तक नए नाम जुड़वाने, गलतियों को ठीक कराने या किसी अन्य सुधार के लिए दावा और आपत्ति दर्ज करा सकेंगे. सभी आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
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अक्टूबर में जारी होगी अंतिम सूची
दावे और आपत्तियों के निपटारे के बाद 12 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. यही सूची भविष्य में होने वाले चुनावों के लिए आधार बनेगी. आयोग ने संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं.
पहले क्या था कार्यक्रम?
पहले जारी कार्यक्रम के अनुसार घर-घर सत्यापन 24 जुलाई 2026 तक पूरा होना था. इसके बाद 3 अगस्त को ड्राफ्ट सूची जारी करने, 2 सितंबर तक दावे और आपत्तियां लेने तथा 1 अक्टूबर 2026 को अंतिम सूची प्रकाशित करने का कार्यक्रम तय किया गया था. अब इस पूरी समय-सीमा में संशोधन कर दिया गया है.
समय-सीमा में 12 दिन की बढ़ोतरी
नए संशोधन के बाद मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया को अतिरिक्त समय मिला है. आयोग का मानना है कि बढ़ी हुई अवधि से सत्यापन और सुधार की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित ढंग से पूरी की जा सकेगी. इससे पात्र मतदाताओं के नाम सही तरीके से सूची में शामिल करने और त्रुटियों को कम करने में भी मदद मिलेगी.