नीति आयोग की बैठक में बरसे सीएम भगवंत मान, पंजाब के लिए मांगा विशेष राज्य का दर्जा और 90:10 फंडिंग मॉडल
नीति आयोग की बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास, विशेष राज्य का दर्जा और 90:10 फंडिंग मॉडल की मांग उठाई. उन्होंने सुरक्षा चुनौतियों और आर्थिक नुकसान का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा.
पंजाब सरकार ने एक बार फिर केंद्र से विशेष सहायता की मांग तेज कर दी है. नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य की सुरक्षा, सीमावर्ती विकास और वित्तीय जरूरतों को प्रमुखता से रखते हुए कई अहम मांगें सामने रखीं. उनका कहना है कि पंजाब को राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान के अनुरूप सहयोग मिलना चाहिए.
सीमावर्ती राज्य होने की चुनौतियां गिनाईं
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बैठक में कहा कि पंजाब की 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पाकिस्तान से लगती है, जिसके कारण राज्य लगातार सुरक्षा और सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहा है. उन्होंने बताया कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी बढ़ रही है, जिससे कानून-व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्रों के किसानों और ग्रामीण आबादी को भी कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. मान ने कहा कि इन परिस्थितियों को देखते हुए पंजाब को विशेष राज्य का दर्जा और अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलनी चाहिए.
90:10 फंडिंग मॉडल की उठाई मांग
मुख्यमंत्री ने पहाड़ी और उत्तर-पूर्वी राज्यों की तर्ज पर पंजाब के लिए भी 90:10 फंडिंग व्यवस्था लागू करने की मांग की. उनका कहना था कि सीमावर्ती इलाकों के विकास के लिए बड़े पैमाने पर निवेश की जरूरत है. उन्होंने यह भी बताया कि राज्य के 2,000 से अधिक सीमा से जुड़े गांवों में से केवल 107 गांवों को ही वाइब्रेंट विलेज-II योजना के तहत शामिल किया गया है. मान ने आग्रह किया कि अधिक गांवों को इस योजना का लाभ दिया जाए ताकि बुनियादी ढांचे और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सके.
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सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर जोर
बैठक के दौरान भगवंत मान ने प्राकृतिक आपदाओं और सुरक्षा चुनौतियों का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में आई बाढ़ से 2,300 से अधिक गांव प्रभावित हुए और राज्य को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा. इसके साथ ही उन्होंने अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, गुरदासपुर, फाजिल्का और पठानकोट जैसे सीमावर्ती जिलों के लिए अतिरिक्त ड्रोन जैमर और विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रांट की मांग रखी. मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित और मजबूत पंजाब ही विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.