आतंकी संगठन 'बब्बर खालसा' के नापाक मंसूबों पर मोहाली कोर्ट का हंटर, पंजाब को दहलाने की साजिश रचने वाले 10 गुर्गों पर आरोप तय!
मोहाली अदालत ने ड्रोन से हथियारों की तस्करी और फंडिंग के मामले में बब्बर खालसा से जुड़े 10 आरोपियों पर यूएपीए के तहत आरोप तय कर कड़ा एक्शन लिया है.
पंजाब को हथियारों और ड्रग्स के दम पर अशांत करने की बड़ी साजिश के खिलाफ मोहाली की एक अदालत ने सख्त रुख अपनाया है. अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरदीप सिंह की अदालत ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'बब्बर खालसा इंटरनेशनल' (BKI) से जुड़े 10 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में आरोप तय कर दिए हैं. इन सभी आरोपियों के खिलाफ अब नियमित ट्रायल चलाया जाएगा.
विदेशी हैंडलर और ISI का खतरनाक गठजोड़
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क के तार विदेशों से जुड़े हुए थे. अमेरिका में बैठा हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासियन, ब्रिटेन का निशान सिंह और पाकिस्तान में शरण लिए बीकेआई का मुख्य ऑपरेटिव हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा इस नेटवर्क को चला रहे थे. ये हैंडलर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के साथ मिलकर ड्रोन के जरिए पंजाब में आधुनिक हथियार, फंड और नशीले पदार्थ भेज रहे थे ताकि स्थानीय युवाओं को बरगलाकर आतंकी गतिविधियों में धकेला जा सके.
हथियारों और हेरोइन की बड़ी खेप बरामद
इस मॉड्यूल का पर्दाफाश तब हुआ जब पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बलौंगी ड्रेन पुल के पास से मुख्य आरोपी शकील अहमद उर्फ लाडी गुज्जर को दबोचा. उसके पास से पिस्तौल और कारतूस मिले. इसके बाद कड़ियों से कड़ियां जुड़ती गईं और अन्य 9 आरोपी भी सलाखों के पीछे पहुंचे. आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में विदेशी हथियार, बीकेआई के लेटरहेड और जनवरी 2024 में करीब 320 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी. अब इन पर यूएपीए (UAPA), आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत शिकंजा कसा गया है.