त्योहारी मौसम में ऑनलाइन फूड डिलीवरी का कारोबार बढ़ने के साथ खाने की गुणवत्ता और रसोई की स्वच्छता को लेकर भी सवाल उठते हैं. इसी बीच चंडीगढ़ में एक नई पहल का सुझाव दिया गया है. मांग है कि ग्राहक ऑर्डर देने के बाद उस रसोई की लाइव फीड देख सकें, जहां उनका खाना तैयार किया जा रहा है.
अधिवक्ता और प्रशासक सलाहकार परिषद के सदस्य अजय जग्गा ने चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया और संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर यह प्रस्ताव रखा है. उनका कहना है कि फूड डिलीवरी ऐप में ‘आपका भोजन तैयार किया जा रहा है’ जैसे अपडेट के साथ रसोई की लाइव स्ट्रीमिंग भी उपलब्ध कराई जा सकती है. इससे ग्राहक खाना बनाने की जगह का सामान्य माहौल देख सकेंगे और यह समझ पाएंगे कि कर्मचारी साफ-सफाई और सुरक्षा से जुड़े नियमों का कितना पालन कर रहे हैं.
जग्गा ने इस व्यवस्था को केवल होटल और रेस्तरां तक सीमित रखने के बजाय स्कूल, कॉलेज, दफ्तर, अस्पताल, कैंटीन और दूसरे खाद्य सेवा केंद्रों तक बढ़ाने का सुझाव दिया है. हालांकि, जहां पहले से ओपन किचन की सुविधा मौजूद है, वहां अलग से लाइव कैमरा व्यवस्था की जरूरत नहीं होने की बात कही गई है. उनके मुताबिक, कैमरे से किसी ग्राहक के खास ऑर्डर की पहचान जरूरी नहीं होगी, बल्कि रसोई की पूरी प्रक्रिया और स्वच्छता की निगरानी इसका मुख्य उद्देश्य होना चाहिए.
अजय जग्गा ने खाद्य सुरक्षा से जुड़े मौजूदा कानूनों और नियमों का हवाला देते हुए कहा कि रसोई की सफाई, उपकरणों की स्वच्छता, कचरा निपटाने, कर्मचारियों के स्वास्थ्य और निर्धारित पोशाक को लेकर पहले से मानक तय हैं. लाइव फीड शुरू होने पर इन नियमों के पालन को लेकर प्रतिष्ठानों की जवाबदेही बढ़ सकती है. अगर ग्राहक को कोई गंभीर गड़बड़ी दिखाई देती है तो वह शिकायत भी दर्ज करा सकता है. इससे खाद्य कारोबारियों पर नियमों का पालन करने का अतिरिक्त दबाव बनेगा.
जग्गा ने प्रशासन से व्यापक जनहित को देखते हुए त्योहारी मौसम से ही रसोई की लाइव स्ट्रीमिंग अनिवार्य करने का आदेश जारी करने की अपील की है. उन्होंने बताया कि कोविड महामारी के दौरान दिल्ली-एनसीआर के कई होटल और रेस्तरां ग्राहकों का भरोसा कायम रखने के लिए अपनी रसोई की लाइव स्ट्रीमिंग कर चुके हैं. अब ऑनलाइन डिलीवरी के बढ़ते इस्तेमाल के बीच उनका मानना है कि ऐसी व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाने और ग्राहकों का भरोसा मजबूत करने में मदद कर सकती है.