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चंडीगढ़ में संसदीय समिति की बैठक, रंधावा ने कहा- देश के किसी हिस्से में नहीं होनी चाहिए खाद्यान्न की कमी

चंडीगढ़ में संसदीय समिति की बैठक में खाद्यान्न की उपलब्धता, भंडार, खरीद और वितरण की समीक्षा हुई.

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Ashutosh Rai

देश में खाद्य सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार को लगातार निगरानी रखने की जरूरत है. इसी मुद्दे पर सोमवार को चंडीगढ़ में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक हुई. अध्यक्षता सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने की. बैठक में खाद्यान्न भंडार और राज्यों में आपूर्ति की स्थिति पर चर्चा हुई.

रंधावा ने दिए दिशा-निर्देश

बैठक के दौरान खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग और भारतीय खाद्य निगम (FCI) के वरिष्ठ अधिकारियों से देश में खाद्य सामग्री की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली गई. इसमें उपलब्ध भंडार, भंडारण क्षमता, खरीद और अलग-अलग राज्यों तक खाद्यान्न पहुंचने की व्यवस्था की समीक्षा हुई. सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अधिकारियों से कहा कि खाद्यान्न के भंडार और उसकी आवाजाही पर लगातार नजर रखी जाए. उन्होंने साफ किया कि देश के किसी भी हिस्से में लोगों को खाद्य सामग्री की कमी का सामना नहीं करना चाहिए. इसके लिए खरीद, भंडारण और वितरण व्यवस्था को मजबूत रखने के निर्देश दिए गए.

पारदर्शिता और जवाबदेही पर दिया जोर

रंधावा ने कहा कि खाद्य सुरक्षा का सीधा संबंध करोड़ों लोगों के जीवन से है. इसलिए अनाज की खरीद से लेकर उसके भंडारण, परिवहन और वितरण तक हर स्तर पर काम साफ तरीके से होना चाहिए. उन्होंने व्यवस्था में पारदर्शिता के साथ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने पर भी जोर दिया. बैठक में यह भी देखा गया कि मौजूदा भंडार जरूरत के मुताबिक पर्याप्त हैं या नहीं और राज्यों को समय पर आपूर्ति मिल रही है या नहीं. अधिकारियों से निगरानी व्यवस्था को लगातार सक्रिय रखने को कहा गया.


राज्यों की आपूर्ति व्यवस्था की हुई समीक्षा

बैठक में भारतीय खाद्य निगम और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा पंजाब और हरियाणा के कई अधिकारी भी मौजूद रहे. पंजाब के प्रधान सचिव राहुल तिवारी और हरियाणा की प्रधान सचिव डॉ. अमनीत पी. कुमार ने भी बैठक में हिस्सा लिया. समिति ने खाद्यान्न की खरीद और भंडारण के साथ राज्यों तक इसकी पहुंच की व्यवस्था पर चर्चा की. रंधावा ने कहा कि देश में पर्याप्त भंडार बनाए रखना जरूरी है लेकिन इसके साथ अनाज को सही समय पर जरूरत वाले क्षेत्रों तक पहुंचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है.