चंडीगढ़ में कल लगेगा जाम, सचिन पायलट की अगुआई में 15 हजार कांग्रेसी करेंगे मंत्री के घर का घेराव
पंजाब कांग्रेस मंगलवार को चंडीगढ़ में बड़ा प्रदर्शन करेगी. सचिन पायलट की अगुवाई में 10 से 15 हजार कार्यकर्ताओं के जुटने की संभावना है.
चंडीगढ़ में मंगलवार को कांग्रेस के प्रदर्शन के चलते कई इलाकों में यातायात प्रभावित हो सकता है. पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट की मौजूदगी में होने वाले इस प्रदर्शन में प्रदेश के कई बड़े नेता और हजारों कार्यकर्ता शामिल होंगे. पार्टी संगरूर में गुलजार सिंह की मौत के मामले में सरकार को घेरने की तैयारी में है.
पीजीआई के आसपास विशेष सावधानी
कांग्रेस के इस प्रदर्शन में पंजाब के अलग-अलग जिलों से करीब 10 से 15 हजार कार्यकर्ताओं के पहुंचने की उम्मीद है. बड़ी संख्या में वाहनों के चंडीगढ़ आने से प्रमुख सड़कों पर दबाव बढ़ सकता है. प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था का असर खास तौर पर पीजीआई और आसपास के इलाकों में पड़ने की संभावना है. सुबह करीब 10 बजे से दोपहर 3 से 4 बजे तक यातायात बाधित हो सकता है. पुलिस जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग कर रास्तों को दूसरे मार्गों पर मोड़ सकती है. पीजीआई, सेक्टर-11, 12, 14 और 15 जाने वालों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह है.
पायलट के साथ दिखेगी कांग्रेस की एकजुटता
सचिन पायलट के पंजाब प्रभारी बनने के बाद यह उनका पहला चंडीगढ़ दौरा होगा. प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, प्रताप सिंह बाजवा, चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और राणा गुरजीत सिंह समेत कई वरिष्ठ नेताओं के पहुंचने की संभावना है. कांग्रेस इसे पंजाब सरकार के खिलाफ बड़े शक्ति प्रदर्शन के तौर पर पेश कर रही है. पार्टी कार्यकर्ता मार्च और नारेबाजी के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे. नेताओं और समर्थकों की बड़ी मौजूदगी के कारण राजनीतिक गतिविधि के साथ शहर की यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है.
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चीमा पर कार्रवाई की मांग
कांग्रेस का मुख्य निशाना पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा होंगे. पार्टी संगरूर में गुलजार सिंह की मौत के मामले में चीमा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की मांग कर रही है. कांग्रेस के मुताबिक, इसी मांग को लेकर मंगलवार का प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है. कार्यकर्ताओं के चंडीगढ़ पहुंचने और मार्च निकालने से कई प्रमुख रास्तों पर भीड़ बढ़ सकती है. पुलिस प्रदर्शनकारियों की संख्या और उनके रूट को देखते हुए यातायात को नियंत्रित कर सकती है.