BSF और पंजाब पुलिस ने पकड़ी 27 किलो हेरोइन, ड्रोन से भेजी गई थी नशे की खेप
अमृतसर में भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट बीएसएफ और पंजाब पुलिस ने संयुक्त अभियान में 27 किलो हेरोइन बरामद की है. ड्रोन के जरिए भेजी गई इस खेप को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है.
अमृतसर: पंजाब के अमृतसर जिले में सीमा पार से होने वाली तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली है. बीएसएफ और पंजाब पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास भारी मात्रा में हेरोइन बरामद की है. खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए इस अभियान में करीब 27 किलो नशीला पदार्थ जब्त किया गया. बरामदगी के बाद एजेंसियां तस्करी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने में जुट गई हैं.
सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को पहले से सूचना मिली थी कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए नशे की एक बड़ी खेप भेजी गई है. सूचना मिलते ही बीएसएफ और पंजाब पुलिस ने अमृतसर के घरिंडा क्षेत्र में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया. इस दौरान कई स्थानों पर गहन जांच की गई.
तलाशी में मिली बड़ी खेप
सर्च ऑपरेशन के दौरान पुल मोरन के निकट एक संदिग्ध स्थान से 27 किलो हेरोइन बरामद हुई. अधिकारियों ने तुरंत नशीले पदार्थ को अपने कब्जे में ले लिया और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया. बरामदगी के बाद मौके से मिले अन्य सुरागों को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है.
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तस्करी नेटवर्क की तलाश
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि खेप को सीमा पार से भेजने और स्थानीय स्तर पर प्राप्त करने में किन लोगों की भूमिका रही. इसके लिए तकनीकी और मानव खुफिया दोनों माध्यमों का सहारा लिया जा रहा है. संभावित आरोपियों की पहचान के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच जारी है.
दो दिन पहले भी हुई थी कार्रवाई
गौरतलब है कि हाल ही में अमृतसर के अजनाला-रामदास क्षेत्र में भी सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े हथियार तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया था. उस अभियान में 25 पिस्तौल, एक AK-47 राइफल, सैकड़ों कारतूस, कई मैगजीन और एक बुलेटप्रूफ जैकेट बरामद की गई थी. इससे सीमा पार तस्करी की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है.
सीमा क्षेत्रों में ड्रोन के माध्यम से नशे और हथियारों की तस्करी की घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बढ़ा रही हैं. अधिकारियों का मानना है कि संयुक्त अभियान और आधुनिक तकनीक की मदद से ऐसी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है. फिलहाल मामले की जांच जारी है.