‘जहां चुनाव, वहां ED की रेड!’ भगवंत मान का BJP पर बड़ा हमला, बोले- विपक्ष को दबाने का चल रहा नया ट्रेंड

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ईडी की कार्रवाई को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव वाले राज्यों में विपक्षी नेताओं को जांच एजेंसियों के जरिए दबाव में लाने की कोशिश होती है.

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Kuldeep Sharma

चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही विपक्षी दलों के नेताओं को जांच एजेंसियों के निशाने पर लिया जाता है. मान ने पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेताओं को टारगेट किए जाने का भी दावा किया.

चुनावी राज्यों में ईडी कार्रवाई का लगाया आरोप

भगवंत मान ने आरोप लगाया कि भाजपा जहां चुनाव होते हैं, वहां प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए करती है. उन्होंने कहा कि पंजाब में भी आम आदमी पार्टी से जुड़े नेताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. मान के मुताबिक, जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है. उन्होंने एक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जिस समय संबंधित मामले में जैन का नाम सामने आया, उस दौरान वह जेल में थे. मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि अदालत में उन्हें न्याय मिलेगा और पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी.

विपक्षी नेताओं को पहले निशाना बनाने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में एक ऐसा चलन बन रहा है, जिसमें चुनाव से पहले विपक्ष के प्रभावशाली नेताओं को जांच के घेरे में लिया जाता है. उनका आरोप है कि नेताओं को किसी मामले में गिरफ्तार कर लंबे समय तक जेल में रखा जाता है और बाद में जांच आगे बढ़ती है. मान ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान संजय सिंह और मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारियों का उदाहरण भी दिया. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंता का विषय बताया और कहा कि राजनीतिक मुकाबला चुनावी मैदान में होना चाहिए, जांच एजेंसियों के माध्यम से नहीं.


पंजाब से जुड़े मामले में ईडी की जांच

पंजाब से जुड़े एक मामले में ईडी की जांच का भी जिक्र सामने आया है. एजेंसी अजय सहगल और इंडियन कोऑपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसायटी से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है. आरोप है कि कुछ रियल एस्टेट संस्थाओं को भूमि उपयोग परिवर्तन की सुविधा दिलाने की कोशिश के दौरान नितिन गोहल की भूमिका सामने आई. ईडी का आरोप है कि गोहल ने मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी राजबीर घुम्मण से संपर्क का इस्तेमाल सरकारी कामकाज को प्रभावित करने के लिए किया. एजेंसी ने तबादलों, तैनातियों और अन्य सरकारी लाभों में बिचौलिए की भूमिका की भी जांच की है.