पंजाब में 'भगवंत मान सरकार, तुहाडे द्वार' योजना सुपरहिट, घर बैठे निपटे 3.10 लाख से ज्यादा काम

पंजाब सरकार की ‘भगवंत मान सरकार, तुहाडे द्वार’ योजना के तहत 437 सरकारी सेवाएं लोगों के घर तक पहुंचाई जा रही हैं.

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Ashutosh Rai

पंजाब में सरकारी सेवाओं को आसान और तेज बनाने के लिए शुरू की गई ‘भगवंत मान सरकार, तुहाडे द्वार’ पहल को बड़ी सफलता मिली है. सरकार का दावा है कि इस योजना के जरिए लाखों लोगों को घर बैठे सुविधाएं मिल रही हैं और सरकारी दफ्तरों के चक्कर भी कम हुए हैं.

घर बैठे मिल रही हैं सरकारी सेवाएं

पंजाब सरकार की 1076 हेल्पलाइन और डोरस्टेप डिलीवरी सिस्टम ने नागरिक सेवाओं को लोगों के घर तक पहुंचाने का काम किया है. सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अमन अरोड़ा के अनुसार, इस पहल के तहत अब तक 3.10 लाख से अधिक सेवाओं का निपटारा किया जा चुका है. नागरिक 1076 नंबर पर कॉल करके या ऑनलाइन पोर्टल, व्हाट्सऐप और सेवा केंद्रों के माध्यम से अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं. इसके बाद प्रशिक्षित कर्मचारी घर पहुंचकर दस्तावेज लेते हैं, आवेदन भरने में मदद करते हैं और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी करवाते हैं. इससे लोगों का समय और खर्च दोनों बच रहे हैं.

ग्रामीण इलाकों को सबसे ज्यादा लाभ

इस योजना का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिला है जिन्हें पहले सरकारी काम के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे. वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, किसान, महिलाएं और दूर-दराज क्षेत्रों में रहने वाले लोग अब आसानी से सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं. सरकार के अनुसार अब तक 4.18 लाख से अधिक अपॉइंटमेंट बुक किए जा चुके हैं. प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज लोगों को एसएमएस, व्हाट्सऐप और घर तक पहुंचाकर दिए जा रहे हैं. इससे सरकारी सेवाएं पहले के मुकाबले ज्यादा सरल और सुविधाजनक बन गई हैं.


डिजिटल सिस्टम से बढ़ी पारदर्शिता

योजना के तहत सत्यापन प्रक्रिया को भी ऑनलाइन किया गया है. पटवारी, नंबरदार, सरपंच, नगर पार्षद और अन्य अधिकारी अब डिजिटल माध्यम से दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं. इससे कागजी काम कम हुआ है और पारदर्शिता बढ़ी है. सरकार ने फॉर्मलेस सेवाएं भी शुरू की हैं, जहां ऑपरेटर सीधे डिजिटल सिस्टम में जानकारी दर्ज करते हैं. अमन अरोड़ा का कहना है कि तकनीक के उपयोग से जवाबदेही बढ़ी है और लोगों को समय पर सेवाएं मिल रही हैं. सरकार का लक्ष्य है कि आम नागरिकों को छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें.