क्या फिर साथ आएंगे BJP-अकाली? चुनाव से पहले सुखबीर बादल का बड़ा बयान आया सामने

पंजाब की राजनीति में बीजेपी और अकाली दल के संभावित गठबंधन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सुखबीर सिंह बादल ने स्थिति स्पष्ट कर दी है. उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी तरह की बातचीत नहीं हो रही और पार्टी का पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने पर है.

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Kanhaiya Kumar Jha

चंडीगढ़: पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होती जा रही हैं. इसी बीच शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी के संभावित गठबंधन को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही थीं. इन चर्चाओं के बीच अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में बीजेपी के साथ किसी प्रकार की गठबंधन वार्ता नहीं चल रही है. हालांकि भविष्य की संभावनाओं पर उन्होंने पूरी तरह से दरवाजा बंद भी नहीं किया.

सुखबीर सिंह बादल ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि इस समय बीजेपी के साथ गठबंधन को लेकर कोई चर्चा नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में ऐसे सवालों का कोई विशेष महत्व नहीं है. उनके अनुसार पार्टी का प्रमुख लक्ष्य अपने संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रियता बढ़ाना है.

अकेले चुनाव लड़ने के संकेत

अकाली दल अध्यक्ष का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब बीजेपी नेतृत्व लगातार पंजाब में अपने दम पर चुनाव लड़ने की बात कह रहा है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने सार्वजनिक मंचों से संकेत दिए हैं कि बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर तैयारी कर रही है.


बीजेपी नेताओं के बयान बने चर्चा का विषय

हाल ही में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने भी कहा था कि पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में 117 सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की रणनीति पर काम कर रही है. इससे पहले मोगा में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में अमित शाह ने भी पंजाब में पार्टी की स्वतंत्र राजनीतिक दिशा का संकेत दिया था.

ज्ञानी रघबीर के बयान पर प्रतिक्रिया

सुखबीर बादल ने इस दौरान पंजाब पुलिस की एसआईटी के समक्ष दिए गए ज्ञानी रघबीर के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अकाल तख्त साहिब से जुड़े किसी भी सम्मानित व्यक्ति को तथ्यों के प्रति जिम्मेदार रहना चाहिए. उन्होंने मर्यादा और परंपराओं के सम्मान की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

गलतियों को स्वीकार करने की बात

बादल ने कहा कि यदि उनके किसी बयान या कार्य से किसी व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो वह इसे स्वीकार करने से पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में आत्ममंथन और जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होती है. साथ ही उन्होंने दोहराया कि पार्टी फिलहाल अपने संगठनात्मक विस्तार और जनाधार को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है.