पंजाब में राशन कार्ड विवाद पर मचा बवाल, AAP मंत्रियों और MLA ने राशन सूची से नाम काटने के खिलाफ की प्रेस कॉन्फ्रेंस

आम आदमी पार्टी ने भाजपा नेताओं द्वारा सरकारी योजनाओं के नाम पर गैर-कानूनी तरीके से लोगों के निजी डेटा इकट्ठा करने के मामले पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की है. साथ ही सरकार से इन कार्यक्रमों पर तुरंत रोक लगाने की अपील की.

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Mayank Tiwari

आम आदमी पार्टी (आप) के मंत्रियों और विधायकों ने पंजाब में मुफ्त राशन सूची से लाखों लोगों के नाम हटाने के कथित प्रयासों के खिलाफ रविवार को सभी जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा हमला बोला. आप नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पंजाब के 55 लाख लोगों का मुफ्त राशन बंद करने की साजिश रच रही है, जिसे वे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे.

आप के पंजाब अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरपाल चीमा, हरभजन सिंह ईटीओ, लालजीत भुल्लर, डॉ. बलजीत कौर, तरुणप्रीत सोंध, डॉ. बलबीर सिंह, हरदीप मुंडियां और मोहिंदर भगत सहित कई विधायकों ने जिला मुख्यालयों में प्रेस वार्ता में कहा, “भाजपा और केंद्र सरकार 55 लाख पंजाबियों का मुफ्त राशन बंद करने के लिए साजिश रच रही है. वह पंजाब के लोगों और यहां के किसानों को परेशान करने के लिए ऐसा कर रही है। लेकिन हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और एक भी पंजाबी का नाम मुफ्त राशन सूची से नहीं काटने देंगे.”

 केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप

आप नेताओं ने दावा किया कि केंद्र ने केवाइसी के बहाने जुलाई में 23 लाख पंजाबियों का राशन बंद कर दिया और अब 30 सितंबर से 32 लाख और लोगों का राशन बंद करने की धमकी दी जा रही है. उन्होंने इसे पंजाब के साथ अन्याय और आम लोगों को परेशान करने की कोशिश करार दिया. आप नेताओं ने जोर देकर कहा, “पंजाब में जब तक आम आदमी पार्टी की सरकार है, हम एक भी राशन कार्ड रद्द नहीं होने देंगे.”

गरीब विरोधी नीति का आरोप

आप नेताओं ने केंद्र के फैसले को पंजाब और गरीब विरोधी बताते हुए कहा, “मुफ्त राशन गरीबों के लिए एक बड़ा सहारा है. इसे बंद करने की बात सोचना भी एक बड़ा पाप है.” उन्होंने सवाल उठाया, “केंद्र सरकार 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देने का दावा करती है, लेकिन पंजाब में वह 55 लाख लोगों का राशन कार्ड रद्द करने की योजना बना रही है. आखिर पंजाब के लोगों से भाजपा को इतनी नफ़रत क्यों है?” आप ने इसे ‘वोट चोरी’ के बाद ‘राशन चोरी’ का नया हथकंडा बताया.

भाजपा का गरीब विरोधी एजेंडा उजागर

नेताओं ने केंद्र के राशन कार्ड रद्द करने के बहानों को हास्यास्पद करार दिया. उन्होंने कहा, “अगर किसी परिवार का एक सदस्य कोई ग़लती करता है तो उसकी सजा पूरे परिवार को नहीं दी जा सकती. इससे भाजपा का गरीब विरोधी एजेंडा उजागर हो गया है। गरीब और आम लोगों को तकलीफ में रखना ही भाजपा की राजनीति है.”

पंजाब का योगदान और केंद्र का भेदभाव

आप नेताओं ने पंजाब के योगदान को लेकर कहा कि पंजाब ने हरित क्रांति के माध्यम से देश को अनाज के मामले में आत्मनिर्भर बनाया. पहले देश को अमेरिका जैसे देशों से अनाज मांगना पड़ता था, लेकिन पंजाब ने गेहूं और चावल के भंडार को हमेशा भरा रखा. उन्होंने कहा, “अब उसी पंजाब को राशन से वंचित किया जा रहा है. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है.” नेताओं ने केंद्र से पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार बंद करने और राशन कार्ड की नई शर्तों पर पुनर्विचार करने की अपील की.

डेटा चोरी पर भी उठे सवाल

आप ने भाजपा नेताओं पर सरकारी योजनाओं के नाम पर गैर-कानूनी तरीके से लोगों का निजी डेटा इकट्ठा करने का आरोप लगाया. पार्टी ने कहा, “भाजपा वोटर लिस्ट में हेरफेर और सत्ता हथियाने की चालों में पहले ही बेनकाब हो चुकी है. अब पूरे देश को पता चल गया है कि भाजपा के नेता फर्जी वोटों के माध्यम से चुनाव चोरी करते हैं.” आप ने लोगों से अपील की, “भाजपा के नेता जहां भी दिखें, उनसे सवाल पूछें कि पंजाब के लाखों लोगों के नाम राशन सूची से क्यों काट रहे हो? अगर वे जवाब न दें तो उनका सामूहिक बहिष्कार करें.”