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ऐसी बहु मिले ना दोबारा, गहरी नींद में सोई सास- बेटी को फावड़े से मारा, गोबर में छिपाया शव, ऐसे खुला राज

हत्या के बाद उर्मिला ने सावित्री का शव घसीटकर बाड़ी के गोबर के ढेर में दबा दिया और घास-फूस से ढक दिया. वहीं लक्ष्मी के शव को कपड़े में लपेटकर लोहे के बक्से में छिपाया और बाद में उसे कुएं में फेंक दिया.

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Reepu Kumari

Sidhi Murder Case: मध्यप्रदेश के सीधी जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक बहू ने घरेलू विवाद और नफरत के चलते अपनी सास और सौतेली बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी. उसने दोनों की लाशों को छिपाने के लिए एक को गोबर के ढेर में दबा दिया और दूसरी को कुएं में फेंक दिया. इस जघन्य अपराध के लगभग छह साल बाद अदालत ने दोषी महिला को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

अपर सत्र न्यायाधीश जयसिंहनगर की अदालत ने आरोपिता उर्मिला कुशवाहा (29 वर्ष, पत्नी कामता उर्फ शंभू कुशवाहा, ग्राम दरेन, थाना सीधी) को धारा 302 के तहत दोषी मानते हुए कड़ी सजा दी. इस प्रकरण को जिला स्तरीय समिति ने भी ‘जघन्य और सनसनीखेज मामलों’ की सूची में शामिल किया था.

ऐसे हुई थी हत्या

17 जून 2019 की रात को मृतक सावित्री बाई (सास) और उसकी नातिन लक्ष्मी (सौतेली बेटी) घर में सो रही थीं. इस दौरान आरोपिता उर्मिला ने फावड़े से सावित्री के सिर और गर्दन पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी. शोर मचाने पर जब लक्ष्मी जागी तो उसने उसके नाक पर वार कर दिया, जिससे उसकी भी मौके पर मौत हो गई.

शव छिपाने का नाटकीय तरीका

हत्या के बाद उर्मिला ने सावित्री का शव घसीटकर बाड़ी के गोबर के ढेर में दबा दिया और घास-फूस से ढक दिया. वहीं लक्ष्मी के शव को कपड़े में लपेटकर लोहे के बक्से में छिपाया और बाद में उसे कुएं में फेंक दिया.

पड़ोसियों को आई दुर्गंध से खुला राज

21 जून 2019 की सुबह पड़ोसन पूनम कुशवाहा को उर्मिला के बाड़ी से तेज दुर्गंध आई. जांच करने पर गोबर के ढेर में शव दिखाई दिया. इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया. उर्मिला ने खुद नाटकीय अंदाज में गांववालों को बताया कि उसकी बाड़ी में लाश मिली है और थाने में सूचना देने पहुंची.

पुलिस जांच और गवाह

पुलिस ने जांच में 26 गवाहों और 15 दस्तावेजों को न्यायालय के सामने पेश किया. विवेचना में यह स्पष्ट हो गया कि हत्याएं उर्मिला ने ही की थीं. मामले में अभियोजन की ओर से मजबूत पैरवी की गई और अदालत ने आरोपिता को दोषी मानते हुए दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई.