'आप गिरफ्तार हो सकती हैं', 33 दिन तक साइबर ठगों के जाल में फंसी रहीं रिटायर्ड महिला अधिकारी
ग्वालियर में साइबर ठगों ने सीबीआई अधिकारी बनकर 69 वर्षीय रिटायर्ड महिला अधिकारी मीनाक्षी नाखरे को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी. चलिए जानते हैं पूरा मामला क्या है.
ग्वालियर: ग्वालियर में 69 वर्षीय रिटायर्ड महिला अधिकारी मीनाक्षी नाखरे से साइबर अपराधियों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर 1 करोड़ 57 लाख 90 हजार रुपये की ठगी कर ली. आरोपियों ने महिला को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसाने और गिरफ्तारी की धमकी देकर लंबे समय तक मानसिक दबाव में रखा.
जानकारी के अनुसार, ठगों ने महिला को फोन कर खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताया. उन्होंने दावा किया कि महिला का नाम एक गंभीर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सामने आया है और उनके खिलाफ जांच चल रही है. ठगों ने कहा कि यदि उन्होंने अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं किया तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है.
कैसे ठगों के झांसे में आई महिला?
इस धमकी के बाद महिला डर गईं और ठगों के झांसे में आ गईं. आरोपियों ने लगातार उनसे संपर्क बनाए रखा और उन्हें किसी से भी इस बारे में बात न करने की सलाह दी. बताया गया है कि 10 मई से 23 जून तक करीब 33 दिनों तक महिला कथित रूप से "डिजिटल अरेस्ट" जैसी स्थिति में रहीं और साइबर ठगों के निर्देशों का पालन करती रहीं.
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ठगों ने महिला को विश्वास दिलाया कि जांच प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें अपनी वित्तीय जानकारी साझा करनी होगी. इसके बाद उन्होंने महिला से उनकी चार फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) तुड़वा दीं. एफडी से निकाली गई रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराया गया. पुलिस के अनुसार कुल 1 करोड़ 57 लाख 90 हजार रुपये कई खातों में भेजे गए.
जांच में क्या आया सामने?
जांच में सामने आया है कि यह रकम चार राज्यों के 10 से अधिक शहरों में मौजूद विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर की गई. साइबर अपराधियों ने पूरी योजना बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दी ताकि पीड़िता को किसी तरह का संदेह न हो.
कुछ समय बाद महिला को एहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है. इसके बाद उन्होंने ग्वालियर क्राइम ब्रांच थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
ग्वालियर के सीएसपी ने क्या बताया?
ग्वालियर के सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि साइबर अपराधियों ने सीबीआई अधिकारी बनकर महिला को डरा-धमकाकर बड़ी रकम अपने खातों में ट्रांसफर कराई. पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है. साथ ही संबंधित बैंकों से भी जानकारी जुटाई जा रही है.