मानसून में सिर्फ एक महीने मिलती है यह खास सब्जी, सोने के भाव भी खरीदने को तैयार लोग; जानें वजह
मानसून के मौसम में केवल कुछ दिनों के लिए बाजार में मिलने वाली काकोड़ा सब्जी इन दिनों 500 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है. इसकी ऊंची कीमत के पीछे इसका सीमित उत्पादन और औषधीय गुण हैं.
बारिश का मौसम आते ही बाजारों में ताजी और हरी सब्जियों की भरमार देखने को मिलती है. लेकिन इन्हीं सब्जियों के बीच एक ऐसी दुर्लभ सब्जी भी आती है, जिसकी मांग हर साल तेजी से बढ़ जाती है. इसका नाम काकोड़ा है, जिसे कई जगह कंटोला के नाम से भी जाना जाता है. यह सब्जी केवल मानसून के दौरान करीब एक महीने तक ही बाजार में उपलब्ध रहती है. सीमित समय तक मिलने और पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण इसकी कीमत कई जगह 400 से 500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है.
काकोड़ा एक बेल पर उगने वाली प्राकृतिक सब्जी है, जिसके ऊपर छोटे और मुलायम कांटे होते हैं. स्वाद में हल्की कड़वाहट होने के बावजूद लोग इसे सब्जी, फ्राई और अचार के रूप में बड़े चाव से खाते हैं. पिछले कुछ वर्षों में शहरों में भी इसकी मांग लगातार बढ़ी है.
सेहत के लिए पोषण का खजाना
विशेषज्ञों के अनुसार काकोड़ा में प्रोटीन, फाइबर, आयरन, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यही वजह है कि इसे मानसून के मौसम की सबसे पौष्टिक सब्जियों में गिना जाता है. बारिश के दौरान संक्रमण का खतरा बढ़ने पर यह शरीर को मजबूत बनाने में मदद कर सकती है. काकोड़ा में विटामिन सी अच्छी मात्रा में मौजूद होता है. इसका सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में सहायक माना जाता है. मानसून में होने वाली सर्दी, खांसी और वायरल संक्रमण से बचाव के लिए भी इसे लाभदायक माना जाता है.
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ब्लड शुगर को संतुलित रखने में सहायक
विशेषज्ञों का मानना है कि काकोड़ा में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं. यही कारण है कि इसे मधुमेह रोगियों के लिए भी लाभकारी सब्जियों में शामिल किया जाता है. हालांकि किसी भी बीमारी में इसे नियमित उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए. फाइबर से भरपूर होने के कारण काकोड़ा पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करता है. यह कब्ज और अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक माना जाता है. इसके अलावा इसमें कैलोरी बहुत कम होती है, जिससे यह वजन नियंत्रित रखने वाले लोगों के लिए भी अच्छा विकल्प बन सकती है.
खून की कमी दूर करने में उपयोगी
काकोड़ा में आयरन और जिंक जैसे जरूरी खनिज पाए जाते हैं. ये शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं. नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन करने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और कमजोरी की समस्या कम हो सकती है. कम समय में तैयार होने वाली यह फसल किसानों के लिए भी अच्छी आमदनी का साधन बन रही है. मानसून के दौरान इसकी मांग बढ़ने और बाजार में बेहतर कीमत मिलने से कई किसान अब इसकी खेती की ओर रुख कर रहे हैं.
अगर आपको बारिश के मौसम में बाजार में काकोड़ा दिखाई दे तो इसे अपनी थाली का हिस्सा बनाया जा सकता है. स्वाद के साथ पोषण देने वाली यह मौसमी सब्जी सीमित समय के लिए ही उपलब्ध होती है, इसलिए इसकी मांग हर साल बढ़ती जा रही है.