लाड़ली बहनों पर 24 हजार करोड़ की बरसात, MP बजट 2026 में महिलाओं के लिए खुला खजाना, किसानों-युवाओं को मिलीं बड़ी सौगातें

मध्य प्रदेश बजट 2026-27 में लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान किया गया है. कुल बजट 4,38,317 करोड़ रुपये का है. किसानों के लिए 1 लाख सोलर पंप, 8वीं तक के बच्चों को दूध, 15 हजार शिक्षकों की भर्ती जैसी घोषणाएं हुईं हैं. महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण विकास पर फोकस रहा. कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया.

ani
Kuldeep Sharma

भोपाल में 18 फरवरी 2026 को मध्य प्रदेश विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया गया. उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने लगातार छठी बार बजट भाषण दिया. कुल 4,38,317 करोड़ रुपये का यह बजट महिलाओं, किसानों, युवाओं और गरीबों के कल्याण पर केंद्रित है.

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे ऐतिहासिक बताया, जो 'GYANII' मॉडल पर आधारित है- गरीब कल्याण, युवा शक्ति, अन्नदाता, नारी शक्ति, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री. बजट में महिलाओं के लिए 1.27 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रावधान है. कांग्रेस ने कर्ज के बोझ पर नारेबाजी की और इसे जनता पर बोझ बताया. कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है.

लाड़ली बहना योजना पर फोकस

वित्त मंत्री ने लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान किया. इससे 1.25 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की सहायता मिलती रहेगी. सरकार ने कहा कि हर नारी को न्याय और आर्थिक स्वावलंबन मुख्य उद्देश्य है. महिलाओं के कल्याण के लिए कुल 1,27,555 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसमें स्वयं सहायता समूह और उज्ज्वला योजना शामिल हैं. 

किसानों और कृषि के लिए सौगातें

किसानों को राहत देते हुए 3,000 करोड़ रुपये से 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे. इससे सिंचाई आसान होगी और बिजली बिल कम होंगे. कृषि कल्याण पर विशेष जोर है. मत्स्य उत्पादन के लिए 412 करोड़ रुपये और अन्य योजनाओं से किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य है. सरकार ने किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है. 

शिक्षा और स्वास्थ्य में बड़े ऐलान

8वीं कक्षा तक के सरकारी स्कूलों के बच्चों को टेट्रा पैक दूध दिया जाएगा. अगले पांच साल में 6,600 करोड़ रुपये से 80 लाख पैकेट वितरित होंगे. 15 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान भी किया गया है. स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 23,747 करोड़ रुपये का प्रावधान है, जिसमें नए अस्पताल और मेडिकल कॉलेज शामिल हैं.

ग्रामीण विकास और अन्य प्रमुख प्रावधान

मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के लिए 21,630 करोड़ रुपये मंजूर. जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के लिए 793 करोड़. जल जीवन मिशन के लिए 4,454 करोड़. सिंहस्थ कुंभ 2028 के लिए तैयारियां तेज. पंचायत और ग्रामीण विकास के लिए 40,062 करोड़. श्रम विभाग को 1,335 करोड़.