फादर्स डे पर छिन गई बेटे की मुस्कान, नर्मदा में डूबा 7 साल का मासूम; बचाने की सारी विधा हुई विफल
फादर्स डे पर मध्य प्रदेश के खलघाट में नर्मदा नदी में नहाते समय सात साल के मासूम कृष्णा की डूबने से मौत हो गई. बेटे को बचाने के लिए पिता ने हरसंभव प्रयास किए, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.
फादर्स डे का दिन आमतौर पर पिता और बच्चों के रिश्ते का जश्न मनाने के लिए जाना जाता है, लेकिन मध्य प्रदेश के खलघाट में एक परिवार के लिए यह दिन कभी न भूलने वाला दर्द बन गया. नर्मदा नदी में नहाते समय सात साल के मासूम कृष्णा की डूबने से मौत हो गई. बेटे को बचाने के लिए पिता ने हरसंभव प्रयास किए, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया.
जानकारी के मुताबिक हरदा जिले के छोटा देवास गांव निवासी रामशंकर अपने दोनों बेटों और एक रिश्तेदार के साथ रविवार सुबह खलघाट स्थित नर्मदा घाट पहुंचे थे. परिवार धार्मिक आस्था के साथ नदी में स्नान और दर्शन के लिए आया था. इसी दौरान एक छोटी सी चूक ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं.
मछलियों को दाना खिलाते समय हुआ हादसा
स्नान के दौरान कृष्णा घाट के किनारे खड़े होकर मछलियों को दाना खिला रहा था. इसी बीच उसका बैलेंस बिगड़ गया और वह फिसलकर गहरे पानी में चला गया. घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला. बच्चे को डूबता देख वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई.
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बचाव अभियान में जुटे स्थानीय लोग
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय गोताखोर और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची. करीब 15 मिनट की तलाश के बाद बच्चे को नदी से बाहर निकाला गया. इसके बाद पिता और पुलिसकर्मी ने लगातार CPR देकर उसकी सांसें वापस लाने की कोशिश की. लगभग 20 मिनट तक चले प्रयासों के बाद भी मासूम की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ.
अस्पताल में टूटा पिता का हौसला
जब CPR देने के बाद भी मासूम नहीं उठा तो उसे तुरंत आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में ले जाया गया. जहां डॉक्टर्स द्वारा बच्चे के मृतक घोषित कर दिया.
खबर सुनते ही पिता पूरी तरह टूट गए. अस्पताल में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं. अपने बेटे को बचाने के लिए अंतिम पलो तक संघर्ष करने वाले पिता की बेबसी हर किसी को भावुक कर रही थी.
कानूनी प्रक्रिया के बाद सौंपा गया शव
बाद में बच्चे की मां भी अस्पताल पहुंची. पुलिस ने परिजनों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी. समझाइश और सहमति के बाद पोस्टमार्टम कराया गया तथा मासूम का शव परिवार को सौंप दिया गया. फादर्स डे पर हुई इस हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया.