मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के महोली गांव में रानी अवंतीबाई लोधी की मूर्ति हटाए जाने के बाद विवाद बढ़ गया. मूर्ति हटने की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली. लोगों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया और मूर्ति को उसी स्थान पर दोबारा लगाने की मांग रखी. विरोध में अखिल भारतीय लोधा लोधी महासभा के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने मौके पर टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया. उनका कहना है कि जब तक मूर्ति दोबारा स्थापित नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
विरोध के दौरान मामला उस समय ज्यादा गंभीर हो गया जब कुछ प्रदर्शनकारी पास में मौजूद मोबाइल टावर पर चढ़ गए. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनकी मांग पर प्रशासन का ध्यान नहीं दिया जा रहा है. इसी वजह से उन्होंने इस तरह विरोध जताकर प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचने की कोशिश की. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस अधिकारियों ने टावर पर चढ़े लोगों को नीचे उतरने के लिए समझाने की कोशिश की. मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई.
विरोध की जानकारी मिलने के बाद चंदेरी विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने की कोशिश की और उनकी मांग सुनी. विधायक ने लोगों को भरोसा दिलाया कि रानी अवंतीबाई लोधी की मूर्ति को दोबारा लगाया जाएगा. उन्होंने इसके लिए अपनी विधायक निधि से 5 लाख रुपये देने की बात भी कही.
विधायक के आश्वासन के बाद भी प्रदर्शनकारी पूरी तरह संतुष्ट नहीं हुए. उन्होंने आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया और कहा कि जब तक मूर्ति वापस नहीं लगती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा.
प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा. उन्होंने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रानी अवंतीबाई लोधी उनके लिए सम्मान और गौरव का प्रतीक हैं. ऐसे में उनकी मूर्ति को हटाया जाना स्थानीय लोगों की भावनाओं से जुड़ा मामला है. इसी वजह से वे मूर्ति को दोबारा स्थापित किए जाने की मांग कर रहे हैं.
मोबाइल टावर पर प्रदर्शनकारियों के चढ़ने के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई. पुलिस की कोशिश है कि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो. अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने की अपील की है. इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. प्रशासन प्रदर्शनकारियों और स्थानीय लोगों से बातचीत के जरिए मामले को शांत करने की कोशिश कर रहा है.