क्या बेंगलुरु सच में इतना भीड़भाड़ वाला है? विदेशी युवक के वायरल वीडियो ने छेड़ी सोशल मीडिया पर बहस
बेंगलुरु को दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम वाला शहर बताया गया है. एक विदेशी के वीडियो ने इसे शांत शहर बताया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई.
बेंगलुरु: बेंगलुरु को दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम वाला शहर बताया गया है, लेकिन एक विदेशी युवक के वीडियो ने इस दावे पर नई बहस छेड़ दी है. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में विदेशी युवक ने बेंगलुरु को उतना अराजक नहीं बताया, जितना लोग मानते हैं. इसके बाद इंटरनेट पर लोगों ने अपनी राय दी.
यह वीडियो लेन कुक नाम के एक विदेशी ने पोस्ट किया, जिन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर 'क्या बेंगलुरु सच में इतना भीड़भाड़ वाला है?' शीर्षक से वीडियो साझा किया. वीडियो में उन्होंने एक व्यस्त सड़क दिखाते हुए कहा कि यहां सब कुछ सामान्य और शांत लग रहा है. उन्होंने कहा, 'क्या यह जगह आपको पूरी तरह अव्यवस्थित लग रही है? नहीं. यहां लोग, दुकानें और ट्रैफिक सब है, लेकिन माहौल फिर भी शांत है.'
सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?
उन्होंने कैप्शन में लिखा, 'मिथक टूट गया. व्यस्त सड़कें भी आश्चर्यजनक रूप से शांत हो सकती हैं.' बस फिर क्या था, सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई.
कई स्थानीय लोगों ने इस दावे का विरोध किया. एक यूजर ने लिखा, 'गलत कह रहे हो. खासकर शाम के समय और आईटी हब वाले इलाकों में बेंगलुरु बहुत ज्यादा अराजक है. मैं यहीं पैदा हुआ हूं और 2010 की तुलना में 2026 में यहां रहना मुश्किल हो गया है.'
कुछ लोगों ने विदेशी की बात का समर्थन भी किया. उनका कहना था कि शहर के कुछ हिस्से दिन के अलग-अलग समय में शांत भी रहते हैं यानी बेंगलुरु एक नहीं, कई अलग-अलग अनुभवों वाला शहर है. एक तरफ आउटर रिंग रोड पर भारी जाम है, तो कुछ गलियों में शांति भी मिल जाती है.
रिपोर्ट में क्या आया सामने?
लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहानी बताते हैं. रिपोर्ट के अनुसार बेंगलुरु दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम वाला शहर है. इस सूची में केवल मेक्सिको सिटी उससे आगे है. शहर का औसत कंजेशन लेवल 74.4 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो पिछले साल से ज्यादा है.
रिपोर्ट के अनुसार यहां लोगों को सिर्फ 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में औसतन 36 मिनट लगते हैं. सालभर में एक व्यक्ति करीब 169 घंटे यानी लगभग 7 दिन ट्रैफिक में फंसा रहता है.
कैसी है बेंगलुरु की रैंकिंग?
बेंगलुरु की रैंकिंग लगातार खराब हुई है. 2023 में यह छठे स्थान पर था, 2024 में तीसरे और 2025 में दूसरे स्थान पर पहुंच गया. सिर्फ 2024-25 में शहर में 7.22 लाख नए वाहन जुड़े, जिनमें 4.68 लाख दोपहिया और 1.45 लाख कारें शामिल हैं. अब शहर में कुल पंजीकृत वाहनों की संख्या 1.23 करोड़ से अधिक हो चुकी है. यानी वीडियो में दिखी शांत सड़क अपनी जगह सही हो सकती है, लेकिन पूरे शहर की हकीकत ट्रैफिक के भारी दबाव से भरी हुई है.