Covid-19 Case: कोविड को लेकर कर्नाटक सरकार सर्तक, जारी की एडवाइजारी; दिए ये जरूर निर्देश
कर्नाटक में एक बार फिर से कोरोना इंफेक्शन का खतरा बढ़ता दिख रहा है. इस साल राज्य में अब तक 35 एक्टिव कोविड-19 केस दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 32 अकेले बेंगलुरु से हैं. हाल ही में सरकार ने एक आधिकारिक चेतावनी जारी की है, जिसमें लोगों से सावधानी बरतने के लिए अपील की है.
Covid-19 Karnataka Case: कर्नाटक में एक बार फिर से कोरोना इंफेक्शन का खतरा बढ़ता दिख रहा है. इस साल राज्य में अब तक 35 एक्टिव कोविड-19 केस दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 32 अकेले बेंगलुरु से हैं. हाल ही में सरकार ने एक आधिकारिक चेतावनी (advisory) जारी की है, जिसमें लोगों से सावधानी बरतने और कोविड-अनुकूल व्यवहार (CAB) अपनाने की अपील की गई है.
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 20 दिनों में धीरे-धीरे कोविड मामलों में वृद्धि देखी गई है. भले ही अभी तक 2025 में कोरोना से कोई मौत नहीं हुई, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि स्थिति को संभाले रखने के लिए सतर्कता जरूरी है.
ये लोग बरतें सावधानी
खासतौर पर गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे, बुजुर्ग, पहले से बीमार लोग और कमजोर इम्युनिटी वाले व्यक्तियों को भीड़ भाड़ वाली जगहों में मास्क पहनने की सलाह दी गई है. इसके साथ ही सभी को हाथ धोने और सैनिटाइजर का इस्तेमाल नियमित रूप से करने को कहा गया है. एक चौंकाने वाला मामला बेंगलुरु ग्रामीण जिले के होसकोटे से सामने आया है, जहां 9 महीने के एक बच्चे की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. यह टेस्ट 22 मई को रैपिड एंटीजन टेस्ट (RAT) के जरिए किया गया था.
स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने दी जानकारी
बच्चे को पहले एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन बाद में उसे बेंगलुरु के प्रसिद्ध वाणी विलास सरकारी अस्पताल में शिफ्ट किया गया. अधिकारियों के मुताबिक, बच्चा फिलहाल स्थिर हालत में है और उसे उचित इलाज दिया जा रहा है. इस घटना के ठीक पहले, कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने जानकारी दी थी कि 21 मई तक राज्य में 16 एक्टिव केस थे. वहीं, पूरे भारत में 19 मई तक 257 एक्टिव कोरोना केस दर्ज किए गए हैं.
सरकार ने उन सभी लोगों से खास अनुरोध किया है जो तेज बुखार, खांसी या सांस लेने में दिक्कत जैसी SARI (Severe Acute Respiratory Illness) के लक्षण महसूस करें, तो वे तुरंत कोविड टेस्ट करवाएं ताकि संक्रमण को समय रहते रोका जा सके.