एक फोन कॉल ने बचाई 16 साल की लड़की की जिंदगी, जानें कैसे शादी के मंडप में पहुंच कर पुलिस ने रोका बाल विवाह

बेंगलुरु में 16 साल की लड़की की 33 साल के व्यक्ति से शादी होने वाली थी, लेकिन उसके बॉयफ्रेंड की सूचना पर अधिकारियों ने समय रहते बाल विवाह रुकवा दिया. चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला.

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Km Jaya

बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक फोन कॉल ने 16 साल की नाबालिग लड़की की शादी रुकवा दी. शादी 11 मई को होनी थी लेकिन समय रहते अधिकारियों को सूचना मिलने के बाद यह विवाह रुक गया. इस घटना ने बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन की सतर्कता को फिर सामने ला दिया है.

जानकारी के मुताबिक लड़की के परिवार ने चुपचाप उसकी शादी 33 साल के एक व्यक्ति से तय कर दी थी. परिवार ने इसके लिए शहर में एक मैरिज हॉल भी बुक कर लिया था. बताया जा रहा है कि लड़की की मां किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और नियमित डायलिसिस करवा रही हैं. इसी वजह से परिवार लड़की पर जल्दी शादी करने का दबाव बना रहा था.

लड़की ने कैसे भरी हामी?

मानसिक दबाव में आकर लड़की ने शादी के लिए हामी भर दी थी. इस बीच उसने अपने बॉयफ्रेंड को इस बारे में बताया. लड़की के बॉयफ्रेंड ने हिम्मत दिखाते हुए एक प्रो-कन्नड़ संगठन को फोन कर पूरी जानकारी दी.

संगठन ने तुरंत इस मामले की जानकारी अर्बन डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिस को दी. इसके बाद 7 मई को अधिकारी लड़की के घर पहुंचे. यह शादी से चार दिन पहले की कार्रवाई थी.

अधिकारी ने क्या बताया?

बाल कल्याण समिति के एक अधिकारी ने बताया कि जब अधिकारियों ने परिवार को समझाया कि यदि बाल विवाह कराया गया तो लड़की को शेल्टर होम भेजा जा सकता है तो उसकी मां भावुक हो गईं और खुद को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने लगीं.

अधिकारियों ने परिवार को बाल विवाह अधिनियम के बारे में जानकारी दी और बताया कि नाबालिग की शादी कराना कानूनन अपराध है. उन्होंने यह भी समझाया कि इतनी कम उम्र में शादी लड़की की सेहत और मानसिक स्थिति के लिए नुकसानदायक हो सकती है. अधिकारियों ने दूल्हे के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी, क्योंकि वह जानते हुए भी नाबालिग से शादी करने के लिए तैयार था.

पुलिस ने लड़की के पिता को कैसे समझाया?

आखिरकार अधिकारियों की काउंसलिंग के बाद लड़की के पिता ने लिखित रूप से यह वादा किया कि वह शादी रद्द करेंगे और बेटी की कानूनी उम्र पूरी होने तक इंतजार करेंगे.

बेंगलुरु पुलिस अब रोजाना लड़की के घर जाकर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी. वहीं इस मामले की जानकारी देने वाले कुछ कार्यकर्ताओं को धमकी भरे फोन कॉल भी आ रहे हैं, जिसके बाद उन्हें पुलिस शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है.