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Karnataka: BJP ने CM सिद्धारमैया पर साधा निशाना, ईडी की कार्रवाई के बाद कर्नाटक में गूंजे असंतोष के स्वर

ईडी की कार्रवाई के बाद कर्नाटक में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है. एक ओर भाजपा कांग्रेस सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर पार्टी के भीतर उठे असंतोष के स्वर उसके अभियान को कमजोर कर सकते हैं.

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Babli Rautela

Karnataka: कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ निर्णायक अभियान छेड़ने की तैयारी की है. हालांकि, इसी बीच पार्टी के भीतर असंतोष के स्वर मुखर हो गए हैं. यह घटनाक्रम प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनकी पत्नी पार्वती बी एम पर एमयूडीए साइट आवंटन घोटाले में कार्रवाई के बाद सामने आया है.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत सिद्धरमैया और अन्य के खिलाफ 142 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया. इन संपत्तियों का बाजार मूल्य लगभग 300 करोड़ रुपये बताया गया है. ईडी के मुताबिक, ये संपत्तियां उन व्यक्तियों के नाम पर पंजीकृत हैं जो रियल एस्टेट व्यवसायी और एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं.

भाजपा में असंतोष की आवाजें

भाजपा के वरिष्ठ असंतुष्ट नेताओं, बसनगौड़ा पाटिल यतनाल और रमेश जरकीहोली ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए हैं. जरकीहोली ने बेलगावी जिले के गोकक तालुक के अंकलगावी गांव में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, 'लोग भाजपा में कलह की बात करते हैं, लेकिन हमारे बीच कोई आंतरिक लड़ाई नहीं है. हमारी लड़ाई केवल (प्रदेश) पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ है.'

भाजपा के अभियान पर असर

ईडी की कार्रवाई ने कांग्रेस सरकार को घेरने के लिए भाजपा को एक मुद्दा दिया है. हालांकि, पार्टी के भीतर कलह और नेतृत्व को लेकर असंतोष इस अभियान को कमजोर कर सकता है. इससे न केवल पार्टी की छवि प्रभावित होगी, बल्कि कांग्रेस के खिलाफ भाजपा के अभियान की धार भी कुंद हो सकती है.

इस बीच, कांग्रेस ने भाजपा पर पलटवार करते हुए इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सिद्धरमैया और उनकी पत्नी के खिलाफ लगाए गए आरोप आधारहीन हैं और भाजपा सरकार ईडी का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कर रही है.

ईडी की कार्रवाई के बाद कर्नाटक में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है. एक ओर भाजपा कांग्रेस सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर पार्टी के भीतर उठे असंतोष के स्वर उसके अभियान को कमजोर कर सकते हैं. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा अपनी आंतरिक चुनौतियों को कैसे संभालती है और कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना अभियान कितनी मजबूती से आगे बढ़ाती है.

(इस खबर को इंडिया डेली लाइव की टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की हुई है)