IAF Officer Assaulted Video: बेंगलुरु में भारतीय वायुसेना (IAF) के एक वरिष्ठ अधिकारी पर हमले का मामला सामने आया है. विंग कमांडर बोस और उनकी पत्नी स्क्वाड्रन लीडर मधुमिता पर सीवी रमन नगर इलाके में उस समय हमला किया गया, जब वे एयरपोर्ट जा रहे थे. अधिकारी ने सोशल मीडिया पर अपने खून से सने चेहरे का वीडियो साझा किया, जिससे यह घटना और भी चौंकाने वाली बन गई.
विंग कमांडर बोस ने बताया कि उनकी कार को पीछे से एक बाइक ने रोका. बाइक सवार ने कन्नड़ में उन्हें गालियां दीं और जब उसने उनकी कार पर DRDO का स्टिकर देखा, तो उसने और भी आपत्तिजनक बातें कीं. विंग कमांडर बोस ने एक वीडियो शेयर कर पूरी घटना की जानकारी दी है। हालांकि, बेंगलुरु पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
बोस के मुताबिक, 'जैसे ही मैं अपनी कार से बाहर निकला, बाइक सवार ने मेरे माथे पर चाबी से वार किया और खून बहने लगा.' उन्होंने यह भी कहा कि वहां खड़े लोग उन्हें गालियां देने लगे और एक व्यक्ति ने पत्थर उठाकर उनकी कार पर मारा, जो उनके सिर पर लगा.
Once again--- the officer confirms
👉 Attacker came PREPARED
👉 Before attacking the officer the attacker mentioned "#DRDO". @DRDO_India @HMOIndia @SpokespersonMoD
Let our forces handle this.
This needs more investigation.
Surge in attacks on defence personnel cant be a… pic.twitter.com/dQ3FDW5XAy— Levina🇮🇳 (@LevinaNeythiri) April 21, 2025Also Read
घटना के बाद, बोस और उनकी पत्नी ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. हालांकि, बोस ने आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने कहा, 'शुक्र है कि मेरी पत्नी मुझे बाहर ले जाने के लिए वहां थी और हम शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन गए, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला.' निराशा और अविश्वास व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, 'यह कर्नाटक की स्थिति है, सच्चाई, वास्तविकता को देखकर... मुझे विश्वास नहीं हो रहा था. भगवान हमारी मदद करें.'
इस घटना के बाद, सोशल मीडिया पर लोगों के रिएक्शन तेजी से वायरल हो रहे हैं. कई लोगों ने इस हमले की निंदा की और इसे भारतीय सेना के लिए अपमानजनक बताया. कुछ यूज़र्स ने इस घटना को लेकर सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं.
यह घटना भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी पर हुए हमले की गंभीरता को दर्शाती है. अधिकारी की पत्नी के साथ हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस के जवाब पर सवाल उठाए हैं.