PM मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट पड़ी भारी, बेंगलुरु में फूड वेंडर गिरफ्तार

बेंगलुरु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट करने के आरोप में एक स्ट्रीट फूड वेंडर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.

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Km Jaya

बेंगलुरु: बेंगलुरु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित रूप से अपमानजनक पोस्ट करने के आरोप में एक स्ट्रीट फूड वेंडर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है.

पुलिस के अनुसार यह मामला बेंगलुरु के बानससवाड़ी थाना क्षेत्र का है. शिकायत भारतीय जनता पार्टी की सर्वज्ञनगर विधानसभा क्षेत्र इकाई के अध्यक्ष अभिलाष रेड्डी ने 22 जुलाई को दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि कम्मनहल्ली इलाके में फूड स्टॉल चलाने वाले हडसन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करते हुए पोस्ट साझा की थी.

पुलिस ने क्या लिया एक्शन?

जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. बताया गया कि हडसन कम्मनहल्ली इलाके में फुटपाथ पर पांडियाज बिरयानी नाम से फूड स्टॉल संचालित करता है. पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज किया है. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.


पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े सभी डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

पीएम मोदी ने वीडियो में क्या कहा?

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों से जुड़े मुद्दों पर एक वीडियो संदेश जारी किया. उन्होंने कहा कि सरकार पेपर लीक की घटनाओं को गंभीरता से ले रही है और इस पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून लाने की तैयारी की जा रही है. प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में बताया कि प्रस्तावित कानून का मसौदा कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा और मंजूरी मिलने के बाद उसे संसद में पेश करने का प्रयास किया जाएगा. सरकार का कहना है कि नए कानून का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना है.