एक्सेल से प्यार का हिसाब! बेंगलुरु के व्यक्ति का 6 साल का रिलेशन ट्रैकर देखकर होश उड़ जाएंगे

बेंगलुरू के एक व्यक्ति ने एक कहानी पोस्ट की. उसने बताया कि उसने एक प्राइवेट ऐप या ट्रैकर बनाया है, जो लोगों के साथ हर बातचीत रिकॉर्ड करता है. 

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Shilpa Srivastava

नई दिल्ली: क्या आपने द बिग बैंग थ्योरी देखी है? अगर हां, तो उसमें शेल्डन कूपन याद है? शेल्डन अपने दोस्तों का पूरा हिसाब रखता था और तीन स्ट्राइक नियम पर चलता था. वह उन लोगों की लिस्ट बनाता था जिन्हें वह पसंद नहीं करता है. यह एक अजीब कैरेक्टर था. यह तो केवल एक फिक्शन कैरेक्ट है, लेकिन एक ऐसा व्यक्ति रियल लाइफ में भी है. बेंगलुरू में पंकज नाम के एक आदमी की कहानी कुछ ऐसी ही है. 

पंकज ने अपने एक्स प्लेटफॉर्म पर एक कहानी शेयर की. उसने जिया नाम का एक पर्सनल सिस्टम बनाया है. यह सभी लोगों के लिए एक प्राइवेट ऐप या ट्रैकर है. यह ट्रैकर लोगों के साथ हर बातचीत रिकॉर्ड करता है. इसमें आप किसी से कितनी बार बात करते हैं, उनसे मिलने के बाद उसे कैसा लगता है और हर दोस्ती के लिए रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) को कैलकुलेट करता है. 

अलग-अलग दोस्तों के साथ 354 घंटे बिताए- पंकज

पिछले 6 सालों में, पंकज ने अलग-अलग दोस्तों के साथ 354 घंटे बिताए. लेकिन उसे एहसास हुआ कि सिर्फ छह लोग ही उन्हें सच में गहराई से जानते और समझते हैं. उसे लगता है कि उन्होंने कई कनेक्शन पर समय बर्बाद किया. उनका कहना है कि इंसानों के पास गहरे रिश्तों के लिए लिमिटेड जगह होती है. वह केवल 5 से 8 बहुत करीबी दोस्त और शायद 10 से 12 अच्छे दोस्त ही संभाल सकता है. 

पंकज ने बताया कि अभी उसके सिर्फ चार दोस्त हैं, जिन्हें वह 8 से 12 साल से जानता है. वह उनके साथ साल में लगभग 400 घंटे बिताता है. ये वही घंटे हैं जो उसे सही में सहारा और खुशी देते हैं. अगर वह इतने ही समय में 6 या 8 नए दोस्त बनाने की कोशिश करे, तो वे नए रिश्ते कमजोर ही रहेंगे.

पंकज ने एक मैथ इक्यूएशन भी शेयर की: 

अगर आप 25 साल की उम्र के बाद किसी नए इंसान से मिलते हैं, तो पुराने दोस्तों जैसी इक्यूशन पाने में कई साल लग जाते हैं. 72–73% चांस है कि नया रिश्ता दो साल के अंदर फीका पड़ जाएगा या टूट जाएगा. इस वजह से, उसने अपनी फ्रेंड लिस्ट लगभग बंद कर दी है. वह ज्यादातर लोगों को न कह देता है. इसके बजाय, वह अपने अभी के करीबी दोस्तों, अपनी हेल्थ, स्किल्स और काम पर फोकस करता है. 

सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. एक व्यक्ति ने पूछा, “क्या आप सच में एक दिन उठते हैं और किसी से बात करना बंद करने का फैसला करते हैं?” एक अन्य व्यक्ति ने कहा यह पढ़कर दुख हुआ. हालांकि, इसकी थॉट प्रोसेस से कुछ लोग सहमत भी थे. उनका कहना था कि नंबर थोड़े मुश्किल है, लेकिन सच हैं.