अंधविश्वास में मां बनी खूंखार, अष्टमी में बेटे को ठीक करने के लिए बेटी की दे डाली बलि; तांत्रिक ने गुप्तांग में डाली छड़ी

झारखंड के हजारीबाग से एक चौंकाने वाले मामले में, एक मां ने कथित तौर पर अपने बेटे की बीमारी ठीक करने के लिए एक तांत्रिक की सलाह पर अपनी 13 साल की बेटी की बलि दे दी.

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Reepu Kumari

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में तंत्र-मंत्र के अंधविश्वास ने एक बार फिर भयानक रूप दिखाया है. एक मां ने अपने बीमार बेटे को ठीक करवाने के चक्कर में अपनी 13 साल की बेटी की बलि चढ़ा दी. तांत्रिक के कहने पर हुई इस घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है. पुलिस ने मामले की जांच में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. इस घटना ने समाज में फैले अंधविश्वास की जड़ों को फिर उजागर कर दिया है.

एक तरफ पूरा देश नवरात्रि का त्योहार मना रहा था, वहीं कुसुमभा गांव में एक परिवार में यह खौफनाक कांड हो गया. मां रेशमी देवी अपने सबसे छोटे बेटे की मानसिक और शारीरिक बीमारी से परेशान थीं. मां ने तांत्रिक से मदद मांगी, लेकिन उसकी सलाह ने परिवार को हमेशा के लिए बर्बाद कर दिया.

घटना की डरावनी रात

24 मार्च की रात नवरात्रि की अष्टमी थी. पूरा गांव राम नवमी के जुलूस देखने में व्यस्त था. इसी बीच शांति देवी के घर पर 13 साल की लड़की का गला घोंट दिया गया. पुलिस के अनुसार, मां रेशमी देवी और भीम राम ने मिलकर यह काम किया. तांत्रिक शांति देवी पूरे अनुष्ठान की अगुवाई कर रही थी. 

तांत्रिक की क्रूर सलाह

तांत्रिक शांति देवी ने रेशमी देवी को बताया कि बेटे की सभी बीमारियां दूर करने के लिए एक कुंवारी लड़की की बलि जरूरी है. मां इस अंधविश्वास के जाल में फंस गई. पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि आरोपी अक्सर तांत्रिक के पास बेटे के इलाज के लिए जाती थी. 

बलि के बाद शव छिपाने की कोशिश

हत्या के बाद तीनों ने लड़की के शव को गांव के बगीचे में दफना दिया. तांत्रिक ने लड़की के निजी अंगों में लकड़ी की छड़ी डालने और सिर पर वार करने जैसी क्रूर हरकतें कीं. खून निकालने के मकसद से यह सब किया गया. बाद में वे रेप का झूठा दावा करके पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे. 

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

हजारीबाग पुलिस ने बुधवार देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तीनों आरोपियों-रेशमी देवी (35), शांति देवी (55) और भीम राम (40)-की गिरफ्तारी की जानकारी दी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई. एसपी ने बताया कि भीम राम पर पहले भी हत्या के आरोप हैं. 

अंधविश्वास की कीमत

यह घटना उन मां-बाप के लिए चेतावनी है जो बीमारी में तंत्र-मंत्र का सहारा लेते हैं. शिक्षा और जागरूकता की कमी आज भी ग्रामीण इलाकों में ऐसी घटनाओं को जन्म दे रही है. पुलिस आगे की जांच में और तथ्य सामने ला रही है.