कोयला खदान की आग बुझाने पहुंचा मजदूर, अचानक धंस गई जमीन; जलकर हुई मौत
झारखंड के रामनगर से दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है जिसमें एक मजदूर की जलकर मौत हो गई. यह दर्दनाक घटना मंगलवार शाम को उस समय हुई, जब मजदूरों का एक समूह एक बंद कोयला खदान में पिछले एक महीने से जल रही आग को बुझाने की कोशिश कर रहा था.
झारखंड के रामनगर से दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है जिसमें एक मजदूर की जलकर मौत हो गई. यह दर्दनाक घटना मंगलवार शाम को उस समय हुई, जब मजदूरों का एक समूह एक बंद कोयला खदान में पिछले एक महीने से जल रही आग को बुझाने की कोशिश कर रहा था.
मृतक श्रमिक, रविंद्र महतो, पाइप से पानी डाल रहे था तभी अचानक जमीन धंस गई और वह आग में घिर गया. गांधी महतो, जो किसी तरह बच निकला, ने बताया कि रविंद्र को निकालने के लिए तौलिया से खींचने की कोशिश की गई, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज हो गईं कि बचाव असंभव हो गया.
रातभर चला बचाव कार्य
इस कार्य को केंद्रीय कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के लिए एक ठेकेदार द्वारा किया जा रहा था, जिसे जिला प्रशासन ने आग पर काबू पाने का जिम्मा सौंपा था. हादसे के बाद, गांववाले मौके पर इकट्ठा हो गए और CCL एवं जिला प्रशासन की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंची. हालांकि, रातभर चले बचाव कार्य के बावजूद, बुधवार सुबह तक मृतक का शव नहीं मिल सका.
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1 करोड़ रुपये मुआवजा की मांग
गांववालों ने शव की त्वरित वसूली और मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि के साथ CCL में नौकरी की मांग की. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे राजरप्पा परियोजना को बंद कर देंगे. बुधवार को गांववालों ने राजरप्पा परियोजना की बिजली आपूर्ति काट दी, जिसके कारण संचालन कुछ घंटों के लिए ठप हो गया. CCL प्रबंधन और गांववालों के बीच बातचीत जारी थी.
स्थानीय लोगों ने लगाया आरोप
स्थानीय लोग यह भी आरोप लगा रहे हैं कि आग लगने से पहले CCL के राजरप्पा प्रबंधन को इस बारे में सूचित किया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. उनका कहना है कि आग बुझाने का कार्य उचित सुरक्षा उपायों के बिना किया गया था. यह क्षेत्र वन विभाग की जमीन पर स्थित है और स्थानीय लोग दावा कर रहे हैं कि पहले इस इलाके में गैरकानूनी कोयला खनन हुआ था, जिसके कारण कई भूमिगत सुरंगें बन गई थीं. आग कोयला तस्करों द्वारा छोड़े गए एक गड्ढे से शुरू होने की आशंका जताई जा रही है.