JSSC-CGL पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा, 2024 में 15 उम्मीदवारों से लिए गए 1.80 करोड़!
झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही CID को JSSC-CGL 2024 पेपर लीक मामले में अहम जानकारी मिली है. पूछताछ में सामने आया कि करीब 15 उम्मीदवारों से 12-12 लाख रुपये लेकर परीक्षा से पहले करीब 65 सवाल और उनके जवाब याद करवाए गए थे. मामले में अब तक 20 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं.
CID की जांच में सामने आया है कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की 2024 की कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल परीक्षा में कथित तौर पर पेपर लीक किया गया था.
जांचकर्ताओं को यह जानकारी आरोपी अभय तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी से पूछताछ के दौरान मिली. जांच के मुताबिक, करीब 15 उम्मीदवारों से कथित तौर पर 12-12 लाख रुपये लिए गए थे. इस हिसाब से कुल रकम करीब 1.80 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
बोकारो के एक घर में उम्मीदवारों को बुलाया गया
आरोपी ने पूछताछ में कथित तौर पर बताया कि उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले करीब 65 सवाल और उनके जवाब याद करवाए गए थे. जांच में यह भी सामने आया कि करीब 45 उम्मीदवारों को बोकारो में एक व्यक्ति के घर ले जाया गया था. यहां उन्हें कथित तौर पर परीक्षा से जुड़े सवाल और उनके जवाब याद करवाए गए. CID इस पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों और पैसों के लेनदेन की भी जांच कर रही है.
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अभय तिवारी ने यह भी दावा किया कि परीक्षा का प्रश्नपत्र छापने का ठेका वेबेल कंपनी को दिया गया था. आरोपी खुद JSSC-CGL परीक्षा में शामिल हुआ था और उसने 48वीं रैंक हासिल की थी. उसके भाई अक्षय तिवारी और पत्नी सुषमा कुमारी का भी चयन हुआ था.
पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते गिरफ्तार
भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच CID ने पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते को भी गिरफ्तार किया है. CID के अतिरिक्त महानिदेशक मनोज कौशिक ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की. एजेंसी के अनुसार, उन्हें आयोग की ओर से आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के संबंध में हिरासत में लिया गया है.
खियांग्ते से पहले भी इस मामले में कई बार पूछताछ की जा चुकी थी. उनकी गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब रांची में JPSC और JSSC अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. विवाद बढ़ने के बीच JPSC के तीन मौजूदा सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हंसदा और जमाल अहमद ने इस्तीफा दे दिया. बताया गया है कि CID की ओर से पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद इन सदस्यों ने पद छोड़ दिया.