झारखंड के दर्जनभर जिलों में मौसम ने ली करवट, आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट जारी
मौसम विभाग का अनुमान है कि दो अप्रैल तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होती रहेगी. कुछ स्थानों पर ओले भी गिर सकते हैं. किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि ओलावृष्टि से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है.
झारखंड: आज झारखंड का मौसम एक बार फिर बदलने वाला है. मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है. लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है. शुक्रवार को रांची समेत कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली. दोपहर बाद आसमान में घने बादल छा गए और शाम होते-होते तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई.
अगले 24 घंटों के लिए पूरे राज्य में अलर्ट जारी
रांची, रामगढ़, हजारीबाग, लोहरदगा और खूंटी में आंधी के साथ अच्छी बारिश हुई. वहीं सिमडेगा और गुमला में हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली. पलामू और लातेहार के कुछ इलाकों में भी आंधी चली. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया है. खासकर रांची, चतरा, हजारीबाग, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, रामगढ़, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसांवा में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है.
आंधी के कारण कई जगह पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिरी
इन इलाकों में कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना है. साथ ही कुछ जिलों में तेज आंधी और वज्रपात का येलो अलर्ट भी जारी है. शुक्रवार शाम रांची में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं. इस आंधी के कारण कई जगह पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं. लोग तेजी से सुरक्षित जगह की तलाश में भागते नजर आए.
इन दोनों सिस्टम के प्रभाव से झारखंड में नमी बढ़ गई
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बदलाव की मुख्य वजह पश्चिम बंगाल और बांगलादेश के ऊपर बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन है. इसके अलावा बिहार से लेकर पश्चिम बंगाल होते हुए मणिपुर तक एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इन दोनों सिस्टम के प्रभाव से झारखंड में नमी बढ़ गई है और मौसम तेजी से बदल रहा है.
मौसम विभाग का अनुमान है कि दो अप्रैल तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होती रहेगी. कुछ स्थानों पर ओले भी गिर सकते हैं. किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि ओलावृष्टि से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. लोगों से अपील की गई है कि तेज आंधी और बारिश के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें. खासकर खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और ऊंची इमारतों से दूर रहें.
वज्रपात की संभावना को देखते हुए मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी कम करें. अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. इसलिए सभी जिलों के निवासियों को मौसम विभाग की अपडेट पर नजर रखनी चाहिए. अगर कहीं भारी बारिश या आंधी आती है तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं. यह मौसम परिवर्तन किसानों के लिए थोड़ा चिंता का विषय हो सकता है, लेकिन सामान्य जनजीवन पर भी इसका असर पड़ रहा है. स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों और बाहर काम करने वाले लोगों को सतर्क रहना होगा.