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'उम्र में छूट पर बच्चों की बात सुनें, हमारे आदेश के बाद रिजल्ट निकालें'; JPSC परीक्षा जुड़ी याचिका पर झारखंड HC का निर्देश

झारखंड हाई कोर्ट ने 14वीं जेपीएससी परीक्षा में उम्र सीमा से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए अभ्यर्थियों को राहत दी है. कोर्ट ने जेपीएससी को याचिकाकर्ताओं के आवेदन स्वीकार करने का निर्देश दिया है.

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Reepu Kumari

झारखंड हाई कोर्ट में 14वीं जेपीएससी परीक्षा से जुड़ी उम्र सीमा विवाद पर अहम सुनवाई हुई. लंबे समय से उम्र की गणना को लेकर असमंजस में पड़े अभ्यर्थियों को अदालत के निर्देश से फिलहाल राहत मिली है. सुमन कुमार समेत 200 से अधिक अभ्यर्थियों ने याचिका दाखिल कर उम्र सीमा वर्ष 2018 से निर्धारित करने की मांग की थी. कोर्ट ने जेपीएससी को उनके आवेदन स्वीकार करने को कहा है, जिससे उम्मीद जगी है कि अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया से बाहर नहीं होंगे.

अदालत का स्पष्ट निर्देश

सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ कहा कि याचिकाकर्ताओं के आवेदन जेपीएससी स्वीकार करेगा. हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इन अभ्यर्थियों का परिणाम उसके अंतिम आदेश के बाद ही जारी किया जाएगा. इससे यह संकेत मिला कि मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन फिलहाल अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगा.

उम्र निर्धारण पर विवाद की जड़

अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछली सिविल सेवा परीक्षाओं, यानी 11वीं से 13वीं तक, अधिकतम आयु सीमा की गणना एक अगस्त 2017 से की गई थी. जबकि 14वीं परीक्षा के लिए उम्र की गणना एक अगस्त 2026 से की जा रही है. इसी बदलाव के कारण बड़ी संख्या में उम्मीदवार पात्रता से बाहर हो रहे हैं.


विधानसभा में भी उठा मुद्दा

गुरुवार को विधानसभा में भी यह मामला जोरदार तरीके से उठा. संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि कैबिनेट की पिछली बैठक में इस विषय पर गंभीर चर्चा हुई थी. मुख्यमंत्री भी इस मामले को लेकर संवेदनशील हैं और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित न हों.

विधायकों ने जताई चिंता

विधायक जयराम महतो सहित अन्य सदस्यों ने शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाया. उनका कहना था कि उम्र गणना के तरीके में बदलाव से कई योग्य अभ्यर्थी परीक्षा देने से वंचित हो रहे हैं. उन्होंने सरकार से इस पर पुनर्विचार की मांग की.

आगे की राह पर नजर

अब सबकी निगाहें हाई कोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हैं. फिलहाल अदालत के निर्देश से अभ्यर्थियों को आवेदन देने का अवसर मिल गया है. यदि अंतिम आदेश उनके पक्ष में आता है तो बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के लिए 14वीं जेपीएससी परीक्षा का रास्ता खुल सकता है.