JPSC छात्रों के आगे झुकी सरकार! हेमंत सोरेन ने आज दोपहर 2 बजे बातचीत के लिए बुलाया
JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बातचीत के लिए बुलाया है. बैठक 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे प्रस्तावित है.
रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बातचीत की पहल की है. सरकार ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को सोमवार 17 अगस्त 2026 को दोपहर 2 बजे बातचीत के लिए आमंत्रित किया है. छात्रों को यह विकल्प भी दिया गया है कि वे अपने कानूनी सलाहकारों के साथ बैठक में शामिल हो सकते हैं.
यह प्रस्ताव एसडीओ और एडीएम लॉ एंड ऑर्डर की ओर से छात्रों तक पहुंचाया गया है. सरकार की इस पहल को लंबे समय से चल रहे आंदोलन का समाधान बातचीत के जरिए निकालने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
23वें दिन भी जारी रहा छात्रों का प्रदर्शन
भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन रविवार को 23वें दिन भी जारी रहा. प्रदर्शनकारी छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक मशाल जुलूस निकाला. इसके बाद छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के पुतले जलाए.
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प्रदर्शनकारी छात्रों ने क्या लगाया आरोप?
प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है. छात्रों ने सरकार पर उनके मुद्दों को लेकर राजनीति करने का भी आरोप लगाया. आंदोलनकारियों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की घोषणा की है. साथ ही मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग भी की है.
इससे पहले शनिवार को छात्रों ने मांग की थी कि कांग्रेस को राज्य की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार से समर्थन वापस लेना चाहिए, क्योंकि उनके मुताबिक मुख्यमंत्री उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं.
क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?
JPSC-JSSC Reforms Manch आंदोलन का नेतृत्व कर रहा है. छात्रों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करना शामिल है. इसके अलावा सभी भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच कराने, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की जा रही है.
छात्र वित्त विभाग के सेक्शन ऑफिसर और कथित व्हिसलब्लोअर संतोष कुमार मस्ताना का निलंबन वापस लेने तथा उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी कर रहे हैं.
स्वतंत्रता दिवस पर सोरेन ने दिया था भरोसा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों पर चिंता जताई थी. उन्होंने कहा था कि इन सवालों ने नौकरी की तैयारी कर रही पूरी पीढ़ी के भरोसे को प्रभावित किया है.
मुख्यमंत्री ने छात्रों को भरोसा दिलाया था कि कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी. उन्होंने कहा था कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ प्रभाव और पद की परवाह किए बिना सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अब सरकार की ओर से बातचीत के प्रस्ताव के बाद छात्रों के आंदोलन का अगला रुख सोमवार की बैठक के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है.