JAC Board Exam 2026: परीक्षा पैटर्न में बड़े बदलाव की तैयारी में झारखंड बोर्ड, जानें किस तरह के पूछे जाएंगे सवाल?

JAC Board Exam 2026: झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के पैटर्न में बड़ा बदलाव करने की योजना बनाई है. 2026 की परीक्षाओं से यह नया सिस्टम लागू होगा, जो छात्रों को रटंत क्रांति से दूर कर समझ और कौशल पर जोर देगा. अब सवाल सिर्फ किताबी ज्ञान पर नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन से जुड़े एप्लीकेशन बेस्ड और स्किल बेस्ड प्रश्नों पर आधारित होंगे.

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Antima Pal

JAC Board Exam 2026: झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के पैटर्न में बड़ा बदलाव करने की योजना बनाई है. 2026 की परीक्षाओं से यह नया सिस्टम लागू होगा, जो छात्रों को रटंत क्रांति से दूर कर समझ और कौशल पर जोर देगा. अब सवाल सिर्फ किताबी ज्ञान पर नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन से जुड़े एप्लीकेशन बेस्ड और स्किल बेस्ड प्रश्नों पर आधारित होंगे. इसका उद्देश्य छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे जेईई, नीट और अन्य के लिए बेहतर तैयार करना है. 

पहले जैक बोर्ड की परीक्षाओं में सिलेबस पर आधारित सीधे सवाल पूछे जाते थे, जिससे छात्र रटने पर ध्यान देते थे. लेकिन अब यह पुरानी प्रथा खत्म हो रही है. नए पैटर्न में विश्लेषणात्मक सोच, तार्किक क्षमता, सामाजिक जागरूकता और संवेदनशीलता जैसे पहलुओं पर सवाल आएंगे. उदाहरण के लिए विज्ञान में सिर्फ फॉर्मूला याद करने के बजाय, उसे रोजमर्रा की समस्या हल करने में कैसे इस्तेमाल करें, यह पूछा जाएगा. इसी तरह गणित या सामाजिक विज्ञान में वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित केस स्टडी शामिल होंगी.

परीक्षा पैटर्न में बड़े बदलाव की तैयारी में झारखंड बोर्ड

यह बदलाव सीबीएसई और आईसीएसई जैसे राष्ट्रीय बोर्डों की तर्ज पर है, जहां पहले से ही 50 फीसदी तक कंपेटेंसी बेस्ड सवाल पूछे जा रहे हैं. जैक बोर्ड ने परीक्षा संरचना को भी सरल और संतुलित बनाया है. कुल अंकों का वितरण 30-50-20 के फॉर्मूले पर होगा. इसमें 30 अंक वस्तुनिष्ठ प्रकार के बहुविकल्पीय सवालों के लिए रखे गए हैं, जो त्वरित सोच की जांच करेंगे. 50 अंक छोटे-लंबे वर्णनात्मक (सब्जेक्टिव) प्रश्नों के होंगे, जहां छात्र अपनी समझ व्यक्त कर सकेंगे. बाकी 20 अंक प्रैक्टिकल परीक्षा या आंतरिक मूल्यांकन के लिए आरक्षित रहेंगे. इससे छात्रों का मूल्यांकन बहुआयामी होगा और हर स्तर की क्षमता का आकलन संभव हो सकेगा. यह बदलाव छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए चुनौती भी है और अवसर भी.

2026 से पूर्ण रूप से लागू होगा बदलाव

शिक्षक अब पारंपरिक पढ़ाई के अलावा प्रोजेक्ट वर्क और ग्रुप डिस्कशन पर फोकस करेंगे. छात्रों को सलाह है कि सिलेबस के साथ-साथ न्यूजपेपर पढ़ें, वर्तमान घटनाओं से जुड़ें और प्रैक्टिस पेपर सॉल्व करें. जैक बोर्ड जल्द ही मॉडल पेपर जारी करेगा, जिनसे तैयारी आसान हो जाएगी. विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम झारखंड के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाएगा. अभी तक जैक ने 2025 की परीक्षाओं के लिए कोई ऐसा बदलाव घोषित नहीं किया है, लेकिन 2026 से पूर्ण रूप से लागू होगा. छात्र जैक की आधिकारिक वेबसाइट jac.jharkhand.gov.in पर अपडेट चेक करें.