नासा जाएगी 10 साल की आयशा, ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन के बाद 1 लाख बच्चों में से 4 का हुआ चयन
हरियाणा की 10 वर्षीय आयशा ने स्कूल के Maths Olympiad टेस्ट से शुरुआत कर जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पार किया और एक लाख छात्रों में से NASA की यात्रा के लिए चयनित हुई.
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के भाखरी गांव की 10 वर्षीय आयशा की कहानी इस बात की मिसाल है कि कभी-कभी एक सामान्य-सा स्कूल टेस्ट जिंदगी की दिशा बदल सकता है. कक्षा 5 की छात्रा आयशा ने स्कूल में हुए एक Maths Olympiad टेस्ट में हिस्सा लिया था. तब परिवार ने भी इसे महज एक शैक्षणिक प्रतियोगिता माना था, लेकिन यही परीक्षा उसे NASA की शैक्षणिक यात्रा तक ले जाएगी, इसका अंदाजा किसी को नहीं था.
ओलंपियाड टेस्ट में स्कूल में किया टॉप
आयशा ने Mittsure Mathematics Olympiad के शुरुआती चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कूल स्तर पर पहला स्थान हासिल किया. इसके बाद उसने जिला और राज्य स्तर की परीक्षाएं पार कीं और लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गई. इस प्रतियोगिता में देशभर से एक लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था, इसलिए हर अगले चरण के साथ आयशा के सामने चुनौती भी बढ़ती गई.
जयपुर के इंटरव्यू ने बदल दिया पूरा खेल
राष्ट्रीय स्तर पर जगह बनाने के बाद आयशा को अंतिम इंटरव्यू के लिए जयपुर बुलाया गया. तीन सदस्यीय जूरी ने उससे अलग-अलग विषयों से जुड़े सवाल पूछे. रिपोर्ट के मुताबिक, आयशा ने लगभग सभी सवालों के सही जवाब दिए. इस प्रदर्शन के बाद उसका नाम उन चार छात्रों में शामिल हो गया, जिन्हें NASA के शैक्षणिक दौरे के लिए चुना गया.
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एक लाख से ज्यादा छात्रों में सिर्फ चार चयन
Mittsure के अनुसार, 2025-26 Olympiad में एक लाख से अधिक छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. ये छात्र 2,000 से ज्यादा स्कूलों और 675 से अधिक जिलों से जुड़े थे. राष्ट्रीय स्तर पर 60 छात्रों को सम्मान मिला, लेकिन NASA जाने का अवसर सिर्फ चार विद्यार्थियों को मिला. आयशा के साथ राजस्थान की गौरांगी शर्मा, मध्य प्रदेश के शुभ जैन और जयप्रकाश पांडे का नासा ट्रिप के लिए चयन हुआ.
परिवार ने भी नहीं सोचा था NASA तक पहुंचेगी बेटी
आयशा के पिता राजकुमार भारतीय नौसेना से रिटायर्ड हैं. उन्होंने बताया कि शुरुआत में परिवार को प्रतियोगिता से किसी बड़े परिणाम की उम्मीद नहीं थी. वहीं उनकी मां स्नेहलता के मुताबिक, आयशा पढ़ाई को लेकर हमेशा गंभीर रही है. स्कूल के बाद वह कई घंटे पढ़ाई करती है और करीब तीन से चार घंटे ट्यूशन भी लेती है. तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी आयशा की मेहनत अब उसे गांव से अमेरिका तक ले जाने वाली है.
अगले महीने अमेरिका की उड़ान भरेगी आयशा
रिपोर्ट के अनुसार, पासपोर्ट संबंधी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आयशा अगले महीने अमेरिका के लिए रवाना हो सकती है. उसकी कहानी की सबसे खास बात NASA तक पहुंचना भर नहीं है, बल्कि वह रास्ता है जिसने उसे वहां तक पहुंचाया- एक साधारण स्कूल टेस्ट, लगातार सफलता और आखिरकार चार छात्रों में चयन. भाखरी गांव की यह छात्रा अब किताबों में पढ़े NASA को अपनी आंखों से देखने की तैयारी कर रही है.