अभिभावक सावधान! फरीदाबाद के 70 प्राइवेट स्कूल हुए ब्लैकलिस्ट, संकट में छात्रों का भविष्य
फरीदाबाद में आरटीई और मान्यता नियमों के उल्लंघन पर 70 प्राइवेट स्कूलों का एमआईएस पोर्टल बंद कर उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, जिससे छात्रों का भविष्य संकट में है.
हरियाणा के फरीदाबाद जिले में शिक्षा विभाग ने नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. बुनियादी ढांचे की कमी, आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के उल्लंघन और बिना स्थायी मान्यता के धड़ल्ले से चल रहे 70 निजी स्कूलों को सरकार ने पूरी तरह ब्लैकलिस्ट कर दिया है. इसके साथ ही इन स्कूलों का एमआईएस (मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) पोर्टल तुरंत प्रभाव से ब्लॉक कर दिया गया है, जिससे अब इन संस्थानों में नए दाखिले नहीं हो सकेंगे.
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का खेल
अधिकारियों की जांच में एक चौंकाने वाला सच सामने आया है. जिले में चल रहे कई स्कूल दरअसल महज 'डमी' या कोचिंग सेंटर की तरह काम कर रहे थे. ये संस्थान छात्रों का आधिकारिक रजिस्ट्रेशन तो किसी अन्य मान्यता प्राप्त स्कूल में करवा देते थे, लेकिन उनकी कक्षाएं बिना मान्यता वाली अवैध जगहों या आवासीय मकानों में संचालित की जा रही थीं. इस फर्जीवाड़े के कारण शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कई विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं के दौरान भारी मानसिक और शैक्षणिक नुकसान झेलना पड़ा था.
कार्रवाई के पीछे की मुख्य वजहें
शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी इस ब्लैकलिस्ट में कई बड़े रसूखदार स्कूलों के नाम भी शामिल हैं, जिनकी शाखाएं नोएडा और गुरुग्राम जैसे हाई-टेक शहरों में भी हैं. इन पर गाज गिरने की मुख्य वजह जमीन के मानकों को पूरा न करना, आवासीय भवनों में स्कूल चलाना और बुनियादी सुविधाओं का न होना है. इसके अलावा, कई स्कूलों ने आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए आरक्षित 25 फीसदी सीटों का ब्यौरा भी सरकार से छुपाया था.
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प्रशासन की चेतावनी और आगामी सत्र
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बसंत कुमार ढिल्लो ने साफ किया है कि इन डिफाल्टर स्कूलों से दाखिला करने का अधिकार छीन लिया गया है. प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि आगामी सत्र 2026-27 में यहां एक भी नया एडमिशन न हो. जिन बच्चों का दाखिला पहले ही हो चुका है, उनके हितों की रक्षा के लिए निदेशालय अलग से रणनीति तैयार कर रहा है. विभाग ने अभिभावकों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने बच्चों का एडमिशन कराने से पहले स्कूल की मान्यता के दस्तावेज अवश्य चेक कर लें.