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‘अनंगपुर बचाओ’ महापंचायत में AAP नेता सौरभ भारद्वाज की हुंकार, जब सब साथ होंगे, तो BJP सरकार को झुकना ही पड़ेगा

अनंगपुर गांव की महापंचायत ने न केवल स्थानीय लोगों की एकजुटता को दर्शाया, बल्कि सरकार की नीतियों के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी दिया. यह लड़ाई ग्रामीण विरासत, सामुदायिक एकता और सामाजिक न्याय के लिए है. आम आदमी पार्टी की भागीदारी ने इस आंदोलन को और मजबूती दी है.

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Mayank Tiwari

हरियाणा के फरीदाबाद जिले के अनंगपुर गांव को बचाने के लिए रविवार को आयोजित महापंचायत में आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर एक प्रतिनिधि मंडल शामिल हुआ. इस मंच से दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने गांव की 1300 साल पुरानी विरासत को बचाने की अपील करते हुए कहा, "1300 साल पुरानी अनंगपुर गांव की विरासत को मिटाने की साजिश के खिलाफ अब गांव-देहात एकजुट हैं. जब सब साथ होंगे, तो बीजेपी सरकार को झुकना ही पड़ेगा."

 किसानों की जीत से प्रेरणा

महापंचायत को संबोधित करते हुए सौरभ भारद्वाज ने तीन साल पहले किसान आंदोलन का जिक्र किया. उन्होंने कहा, "आज से तीन साल पहले किसानों ने केंद्र सरकार के काले कानूनों के खिलाफ अपनी लड़ाई शुरू की थी. पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के किसान दिल्ली के बॉर्डर पर आकर बैठ गए.

मीडिया ने किसानों को नहीं दिखाया, मगर वह डटे रहे. गर्मी-सर्दी झेली, बरसात में सब कुछ भीग गया, 600 किसान मर गए, फिर भी किसान डटे रहे और एक साल बाद केंद्र सरकार को हार माननी पड़ी और किसान जीत गए." उन्होंने अनंगपुर के लोगों को एकजुट होकर लंबी लड़ाई के लिए तैयार रहने का आह्वान किया.

सरकार की दोहरी नीति

सौरभ भारद्वाज ने केंद्र और हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार कोर्ट का हवाला देकर गांव वालों को बेघर करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा, "आज सरकार हर जगह एक बहाना बनाती है कि कोर्ट का आदेश आ गया. लेकिन कोर्ट तो सरकार ही गई थी.

कोर्ट में सरकार गांव वालों के खिलाफ गई थी. एक तरफ सरकार लड़ेगी, दूसरी तरफ गांव वाले, तो सरकार ही जीतेगी. क्योंकि सरकार के पास बड़े-बड़े वकील हैं. गांव वाला तो हारेगा." उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को गांव वालों की तरफ से मुकदमे लड़ने चाहिए, न कि उनके खिलाफ.

अध्यादेश का खेल

सौरभ ने केंद्र सरकार की दोहरी नीति पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने जब दिल्ली की चुनी हुई सरकार को ताकत देने का आदेश दिया, तो एक हफ्ते के अंदर केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलट दिया. मुख्य चुनाव आयुक्त को चुनने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कानून बनाया, लेकिन सरकार को यह पसंद नहीं आया और एक हफ्ते में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलट दिया."

उन्होंने आगे कहा, "जब सरकार को अपने मन की करनी होती है, तो न कोई हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट होता है. केंद्र सरकार एक हफ्ते के अंदर अध्यादेश लाती है और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट देती है." उन्होंने मांग की कि अगर सरकार अपने हित में अध्यादेश ला सकती है, तो लाखों लोगों को बचाने के लिए भी अध्यादेश लाया जाए.

आप का वादा

सौरभ भारद्वाज ने गांव वालों से एकजुटता का वादा लिया और कहा, "मैं और ‘आप’ के कई विधायक साथी यहां आए हैं. हम वादा करते हैं कि जिस दिन बुलडोजर अनंगपुर गांव में आएगा, एक आवाज कर essentiellement देना. दिल्ली से पूरी आम आदमी पार्टी अनंगपुर गांव में खड़ी होगी.

अगर हम सब अनंगपुर गांव में बुलडोजर के सामने खड़े हो गए, तो किसी में इतनी ताकत नहीं कि वह हमें हिला सके." उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और हरियाणा सरकार की नीतियां लाखों लोगों, विशेष रूप से गुर्जर समाज और ग्रामीण समुदाय को बेघर करने की साजिश का हिस्सा हैं. 

महापंचायत में शामिल लोग

प्रतिनिधि मंडल में ब्रह्म सिंह तंवर, महाबल मिश्रा, सहीराम पहलवान, रमेश पहलवान, कृष्ण जाखड़ और गुर्जर समाज के कई पार्षद शामिल थे. सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर लिखा, "आज अनंगपुर गांव में भाजपा सरकार के बुलडोजर के खिलाफ हुई महापंचायत, इस लड़ाई में हम सब मजबूती से अनंगपुर गांव के लोगों के साथ हैं. 1300 साल पुरानी विरासत को मिटाने की साजिश के खिलाफ अब गांव-देहात एकजुट हैं. जब सब साथ होंगे, तो बीजेपी सरकार को झुकना ही पड़ेगा."