यमुना में बढ़ा अमोनिया का लेवल, दिल्ली के कई इलाकों में पानी का सप्लाई बंद! DJB ने जारी किया बयान
यमुना नदी में अमोनिया का का स्तर बढ़ता जा रहा है. जिसकी वजह से पानी प्रदूषित हो चुका है और इसका असर लोगों के घरों पर पड़ रहा है.
नई दिल्ली: दिल्ली में एक बार फिर यमुना में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है. जिसकी वजह से दिल्ली वालों के लिए जल आपूर्ति की समस्या खड़ी हो गई है. वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि वजीराबाद बैराज के ऊपर यमुना के कच्चे पानी में अमोनिया का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है.
यमुना में बढ़े हुए अमोनिया का स्तर ना केवल गंभीर प्रदूषण की ओर इशारा करती है, बल्कि राजधानी के बड़े हिस्से में पीने के पानी की सप्लाई पर सीधा असर डाल रही है. गर्मी का मौसम कुछ दिनों में शुरू हो जाएगा ऐसे में पानी की जरूरत और भी ज्यादा बढ़ेगी और लोगों को इसकी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है.
क्षमता घटाने से सीधा पड़ेगा असर
अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक प्रदूषण के कारण वजीराबाद और चंद्रावल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का संचालन 25 से 50 प्रतिशत तक घटाना पड़ा है. ये दोनों प्लांट सीधे यमुना से पानी लेकर उत्तर, मध्य और दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों में ट्रीटेड पेयजल सप्लाई करते हैं. क्षमता को घटाने का सीधा मतलब यह है कि लोगों के घरों में पानी कम पहुंचेगा या फिर नहीं भी पहुंच सकता है.
दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने बयान जारी कर कहा कि यमुना में लगातार उच्च स्तर के प्रदूषक पाए जाने के चलते पानी के उत्पादन पर असर पड़ा है. जब तक हालात में सुधार नहीं होता, तब तक लोगों को कम प्रेशर पर पानी मिलने की संभावना है. DJB ने नागरिकों से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की है और जरूरत पड़ने पर 1916 हेल्पलाइन के जरिए टैंकर उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है.
पानी में प्रदूषण से बढ़ेगा खतरा
पानी में प्रदूषण के स्तर को समझाते हुए एक अधिकारी ने बताया कि वजीराबाद में कच्चे पानी में अमोनिया का स्तर 3 पीपीएम से अधिक दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम ट्रीटमेंट योग्य सीमा 1.0 पीपीएम है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिक अमोनिया होने पर क्लोरीन गैस के इस्तेमाल से जहरीले क्लोरैमाइन कंपाउंड बनने का खतरा रहता है, इसी वजह से प्लांट को कम क्षमता पर चलाया जा रहा है. स्थिति से निपटने के लिए DJB ने मुनक नहर से अतिरिक्त कच्चा पानी वजीराबाद की ओर मोड़ा है ताकि यमुना के पानी को पतला किया जा सके. DJB का आरोप है कि पानीपत और सोनीपत के औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले रसायन यमुना को प्रदूषित कर रहे हैं. वहीं, हरियाणा सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है.