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'दिल्ली चुनाव रद्द करो', आप सांसद संजय सिंह ने संसद में उठाई आवाज; केजरीवाल-सिसोदिया की गिरफ्तारी को बताया बड़ी साजिश

राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दिल्ली चुनाव रद्द कर नए सिरे से मतदान की मांग की है. उन्होंने जांच एजेंसियों पर राजनीतिक साजिश का आरोप लगाते हुए संसद में चर्चा के लिए औपचारिक नोटिस दिया है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: दिल्ली की राजनीति में हलचल तेज है. आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में आए अदालती फैसलों का हवाला देते हुए चुनाव रद्द करने की मांग की है. उन्होंने शून्य काल के लिए सदन को नोटिस दिया है. सिंह का आरोप है कि केंद्र ने एजेंसियों का दुरुपयोग कर लोकतांत्रिक सरकार को बदनाम किया और फर्जी मुकदमों के जरिए चुनाव प्रभावित किया. उनका दावा है कि साजिश रचकर आप नेताओं को गिरफ्तार किया गया, जिससे चुनाव परिणामों पर गहरा असर पड़ा है.

संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि उन्होंने दिल्ली चुनाव को अमान्य घोषित करने का नोटिस दिया है. उनका तर्क है कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की अवैध गिरफ्तारियों ने चुनावी मैदान को असमान बना दिया था. सिंह के अनुसार यह जनता के साथ धोखा है और अब जब सच्चाई सामने आ रही है, तो सरकार को नैतिक आधार पर दिल्ली में दोबारा मतदान कराना चाहिए, ताकि लोकतंत्र की मर्यादा और जनता का विश्वास बना रहे.

जांच एजेंसियों पर सवाल 

संसद को दिए नोटिस में सिंह ने एजेंसियों के राजनीतिक इस्तेमाल पर कड़ा प्रहार किया है. उन्होंने विशेष अदालत की टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष कोई भी 'प्रथम दृष्टया' साक्ष्य देने में असमर्थ रहा. यह साबित करता है कि पूरी जांच निष्पक्ष नहीं थी. उनके अनुसार, जब विश्वसनीय सबूतों के बिना गिरफ्तारियां की जाती हैं, तो यह स्पष्ट रूप से राजनीतिक विरोधियों को लक्षित करने की साजिश लगती है, जो न्यायपालिका की साख पर भी सवाल है.

निचली अदालत का रुख 

विवाद तब बढ़ा जब 27 फरवरी को निचली अदालत ने केजरीवाल, सिसोदिया और 21 अन्य को आरोप मुक्त कर दिया. अदालत ने सीबीआई के मामले को 'पूरी तरह निराधार' बताया था. इस फैसले ने न केवल आप नेताओं बल्कि के. कविता को भी बड़ी राहत दी थी. अदालत की इस कड़ी फटकार को आधार बनाकर संजय सिंह अब यह तर्क दे रहे हैं कि जब केस ही फर्जी था, तो उस दौरान हुई चुनावी हार को भी निरस्त किया जाना चाहिए.

हाई कोर्ट का हस्तक्षेप 

हालांकि सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्रीय एजेंसियों को बड़ी राहत दी. न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने निचली अदालत द्वारा सीबीआई पर की गई नकारात्मक टिप्पणियों पर रोक लगा दी है. अदालत ने बरी किए गए सभी 23 आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सीबीआई ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी, जिसके बाद हाई कोर्ट ने इस मामले में दखल दिया. इस आदेश से जांच एजेंसियों को कानूनी रूप से कुछ राहत मिली है.