पालम अग्निकांड की FSL रिपोर्ट में सच्चाई आई सामने, जानें कुछ ही मिनटों में कैसे भड़की आग
पालम अग्निकांड की एफएसएल रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इमारत में रखे ज्वलनशील केमिकल्स के कारण आग तेजी से फैली और नौ लोगों की मौत हो गई. सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की भी पुष्टि हुई है.
पालम: पालम के राम चौक मार्केट में हाल ही में हुई भीषण आग की घटना को लेकर फोरेंसिक साइंस लैब यानी FSL की प्राथमिक जांच रिपोर्ट सामने आ गई है. इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इमारत में रखे ज्वलनशील केमिकल्स ने आग को तेजी से भड़काने में अहम भूमिका निभाई.
यह हादसा एक चार मंजिला इमारत में हुआ था, जहां आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया था. रिपोर्ट के अनुसार इमारत के बेसमेंट और अन्य मंजिलों पर कपड़ों के साथ-साथ थिनर, परफ्यूम और नेल पॉलिश जैसे अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों का भारी मात्रा में भंडारण किया गया था. इन केमिकल्स के कारण आग तेजी से पूरी बिल्डिंग में फैल गई और हालात बेकाबू हो गए.
कितने लोगों की हुई मौत?
इस भीषण अग्निकांड में कश्यप परिवार के कई सदस्य अंदर ही फंस गए थे. आग इतनी तेजी से फैली कि बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता भी बंद हो गया. इस दुखद हादसे में कुल नौ लोगों की मौत हो गई थी, जिससे पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है.
जांच में क्या आया सामने?
दमकल विभाग और एफएसएल की जांच में यह भी सामने आया है कि बेसमेंट में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था. खतरनाक केमिकल्स को बिना उचित सुरक्षा व्यवस्था के रखा गया था, जिससे आग को और ज्यादा फैलने का मौका मिला. अधिकारियों का कहना है कि यदि इस तरह के ज्वलनशील पदार्थ वहां मौजूद नहीं होते, तो आग को समय रहते काबू में किया जा सकता था.
घटना के बाद संबंधित विभागों ने इमारत के मालिक और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. साथ ही प्रशासन ने इलाके की अन्य व्यावसायिक इमारतों की जांच भी शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके. लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही गई है.
सौरभ भारद्वाज ने क्या लगाया आरोप?
इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने भी सरकार पर सवाल उठाए हैं. पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सरकार ने विधानसभा में सही जानकारी नहीं दी और एसडीएम की जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है. उन्होंने मांग की कि रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके.
सौरभ भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि राहत और बचाव कार्य में लापरवाही बरती गई और दमकल की पर्याप्त गाड़ियां समय पर मौके पर नहीं पहुंचीं. उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग भी उठाई है.