Delhi SIR: दिल्ली की वोटर लिस्ट में बड़ा फेरबदल, 1.45 करोड़ वोटरों में से 47.7 लाख के नाम छूटे; मचा हड़कंप
दिल्ली में SIR के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी हो गई है. 1,45,10,299 मतदाताओं में से करीब 47.7 लाख नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हैं. इन लोगों को 30 सितंबर तक Form 6 और दस्तावेजों के साथ दावा दाखिल करने का मौका दिया गया है.
नई दिल्ली: दिल्ली में Special Intensive Revision यानी SIR के तहत सोमवार को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है. दिल्ली के कुल 1,45,10,299 मतदाताओं में से करीब 47.7 लाख नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए हैं. चुनाव कार्यालय के अनुसार, जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है, वे 30 सितंबर तक अपना दावा दाखिल कर सकते हैं.
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी यानी CEO ने बताया कि बाहर किए गए मतदाताओं को Form 6 और जरूरी दस्तावेजों के साथ अपना दावा पेश करने का मौका दिया गया है. प्राप्त दावों और आपत्तियों की जांच अधिकारियों की ओर से की जाएगी. नोटिस और निपटारे की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक पूरी की जाएगी. इसके बाद दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी.
67.18 फीसदी मतदाताओं के फॉर्म डिजिटाइज
SIR प्रक्रिया के दौरान दिल्ली के कुल 1.45 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं में से करीब 67.18 फीसदी के फॉर्म डिजिटाइज किए गए. बाकी करीब 47.7 लाख मतदाताओं को Absent, Shifted, Dead, Duplicate और Others यानी ASDDO श्रेणी में रखा गया. इन नामों को ड्राफ्ट सूची से बाहर किया गया है.
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आंकड़ों के अनुसार, रोहिणी में सबसे ज्यादा 83.43 फीसदी फॉर्म डिजिटाइज किए गए. वहीं, तुगलकाबाद में यह आंकड़ा सबसे कम 52.15 फीसदी रहा.
ओखला में 3,62,813 फॉर्म में से 1,64,435 यानी 45.32 फीसदी फॉर्म अनकलेक्टेबल श्रेणी में रखे गए. चांदनी चौक में यह आंकड़ा 38.98 फीसदी, बल्लिमारान में 32.65 फीसदी, मुस्तफाबाद में 28.09 फीसदी, बाबरपुर में 27 फीसदी, मटिया महल में 24.50 फीसदी और सीलमपुर में 23.37 फीसदी रहा.
शाहीन बाग और जसोला विहार में सामने आई दिक्कत
SIR के दौरान Booth Level Officers यानी BLOs को शाहीन बाग और जसोला विहार जैसे इलाकों में मतदाताओं को 2002 की पुरानी मतदाता सूची से जोड़ने में परेशानी का सामना करना पड़ा. खास तौर पर बिहार, उत्तर प्रदेश, असम और पश्चिम बंगाल से आए प्रवासी परिवारों के मामलों में यह चुनौती सामने आई.
वहीं, शकूरबस्ती में 81.26 फीसदी, राजौरी गार्डन में 79.14 फीसदी, मंगोलपुरी में 78.76 फीसदी और उत्तम नगर में 77.76 फीसदी डिजिटाइजेशन हुआ.
दिल्ली में बढ़े मतदान केंद्र
SIR के साथ दिल्ली में मतदान केंद्रों के नेटवर्क में भी बदलाव किया गया है. दिल्ली में मतदान केंद्रों की संख्या 13,033 से बढ़कर 14,947 हो गई है. वहीं, मतदान केंद्रों के स्थानों की संख्या भी 2,696 से बढ़कर 2,856 हो गई है.
अब जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं, उनके लिए 30 सितंबर तक दावा दाखिल करने का मौका है. अधिकारियों की जांच और दावों के निपटारे के बाद 4 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी.