मां दवा लेने गई और गायब हो गया 3 साल का बेटा, 1000 KM तक दिल्ली पुलिस ने पीछा कर किया बच्चे को बरामद
दिल्ली के जीजीएस अस्पताल से लापता हुए तीन साल के बच्चे को पुलिस ने करीब 1000 किलोमीटर की तलाश के बाद बिहार के मुंगेर से सुरक्षित बरामद कर लिया. चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
नई दिल्ली: दिल्ली के जीजीएस अस्पताल से अगवा किए गए तीन साल के बच्चे को पुलिस ने करीब 1000 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद बिहार के मुंगेर जिले से सकुशल बरामद कर लिया. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी की मदद से बच्चे को तलाशा. बच्चे के सुरक्षित मिलने के बाद उसे दिल्ली लाकर परिवार को सौंप दिया गया.
27 अगस्त को पुलिस को तीन साल के बच्चे के लापता होने और अपहरण की सूचना मिली थी. शिकायतकर्ता ने बताया कि वह दवा लेने के लिए जीजीएस अस्पताल गई थी. इस दौरान उसका तीन साल का बेटा अस्पताल के पास खेल रहा था. कुछ देर बाद बच्चा वहां नहीं मिला. परिवार ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन बच्चे का कोई पता नहीं चला. इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई और मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई.
जांच के दौरान क्या चला पता?
जांच के दौरान पुलिस ने अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. फुटेज में एक अज्ञात महिला बच्चे को अपने साथ अस्पताल से बाहर ले जाती दिखाई दी. पुलिस ने महिला की गतिविधियों का सीसीटीवी के जरिए पीछा किया. पता चला कि वह बच्चे को ई रिक्शा से मादीपुर गांव की ओर ले गई थी.
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पुलिस ने क्या लिया एक्शन?
आगे की जांच और स्थानीय जानकारी के आधार पर पुलिस ने महिला की पहचान 31 वर्षीय महिला के रूप में की. वह दिल्ली के मादीपुर इलाके में अस्थायी रूप से रह रही थी. पुलिस को जानकारी मिली कि महिला अपने मूल गांव बिहार जा चुकी है.
तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस की टीम बिहार के मुंगेर जिले पहुंची. वहां छापेमारी कर पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया. इसके बाद बच्चे को पुलिस संरक्षण में दिल्ली लाया गया.
पूछताछ में महिला ने क्या बताया?
पुलिस ने महिला को भी तलाश लिया और उसे जांच में शामिल किया. पूछताछ में महिला ने बताया कि वह छह बेटियों की मां है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण एक और बच्चा पैदा नहीं कर सकती थी. महिला के अनुसार, उसने अस्पताल से बच्चे को इसलिए उठाया था ताकि उसे अपने बेटे की तरह पाल सके.
पुलिस ने मामले में पर्याप्त आधार मिलने के बाद महिला को पाबंद किया. बच्चे की सुरक्षित बरामदगी के बाद उसे उसके परिवार से मिला दिया गया. पुलिस की त्वरित कार्रवाई और करीब 1000 किलोमीटर तक चलाए गए अभियान से परिवार को उनका बच्चा वापस मिल सका.