अपनों के लिए खून-पसीने की कमाई की दान, दिल्ली के नेपाली मूल के लोगों ने जुटाए 90 लाख रुपये; 23 संस्थाएं आईं आगे

नेपाल में आई भीषण आपदा के बाद दिल्ली में रहने वाले नेपाली मूल के लोगों ने मदद का हाथ बढ़ाया है. दिल्ली की 23 नेपाली संस्थाओं ने करीब 90 लाख रुपये जुटाकर नेपाल के प्रधानमंत्री राहत कोष में भेजे हैं.

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Km Jaya

नई दिल्ली: नेपाल में आई भीषण आपदा ने दिल्ली में रहने वाले नेपाली मूल के लोगों को भी गहरे दुख में डाल दिया है. अपने देश और अपनों की चिंता के बीच दिल्ली में रहने वाले नेपाली समुदाय ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. दिल्ली की 23 नेपाली संस्थाओं ने मिलकर करीब 90 लाख रुपये जुटाकर नेपाल के प्रधानमंत्री राहत कोष में भेजे हैं. अब इन संस्थाओं का लक्ष्य इस सहायता राशि को बढ़ाकर करीब 2 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है.

दिल्ली में बड़ी संख्या में नेपाली मूल के लोग रहते हैं. अनुमान के मुताबिक इनकी संख्या करीब दो से तीन लाख है. इनमें ज्यादातर लोग नौकरी और दूसरे कामकाज से जुड़े हैं. बेहतर रोजगार और जिंदगी की उम्मीद में दिल्ली आए इन लोगों ने यहां की भाषा और संस्कृति को भी अपना लिया है लेकिन नेपाल में आई इस भीषण आपदा के बाद उनका ध्यान एक बार फिर अपने देश और वहां फंसे लोगों की ओर चला गया है.

अपनों की सलामती जानने में जुटे लोग

नेपाल में आपदा के बाद दिल्ली में रहने वाले लोग लगातार अपने परिवार और दोस्तों से संपर्क कर उनकी सलामती की जानकारी ले रहे हैं. कई लोगों के परिजन और परिचित इस आपदा में लापता बताए जा रहे हैं. ऐसे परिवारों की चिंता के बीच नेपाली समुदाय अपनी कमाई का हिस्सा राहत कार्यों के लिए दे रहा है.


23 नेपाली संस्थाओं ने जुटाई मदद

दिल्ली में नेपाली मूल के लोगों से जुड़ी करीब 23 प्रमुख संस्थाएं सक्रिय हैं. ये संस्थाएं समुदाय के लोगों को जोड़ने के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी भूमिका निभाती हैं. इन संस्थाओं ने मिलकर करीब 90 लाख रुपये जुटाए और इसे नेपाल के प्रधानमंत्री राहत कोष में भेजा है.

मित्र मंच मानव कल्याण समिति के महासचिव कांशीराम आचार्य ने कहा कि आपदा की भयावहता को देखते हुए उनका योगदान भले ही छोटा हो, लेकिन समुदाय अपनी क्षमता के अनुसार लगातार मदद करने की कोशिश कर रहा है. संस्थाओं का लक्ष्य करीब 2 करोड़ रुपये जुटाकर नेपाल भेजना है.

दवाइयां और राहत सामग्री भेजने की तैयारी

समुदाय के लोग अब केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं रहना चाहते. दिल्ली में रहने वाले उद्यमियों और कारोबारियों से संपर्क किया जा रहा है, ताकि नेपाल में जरूरत के मुताबिक राहत सामग्री भेजी जा सके. जल्द ही रसद और दवाइयों की एक खेप नेपाल पहुंचाने की तैयारी की जा रही है.

कांशीराम आचार्य ने कहा कि आपदा में हुई जन और धन की क्षति का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है. इसके बावजूद दिल्ली में रहने वाला नेपाली समुदाय अपने स्तर पर हर संभव मदद करने में जुटा है.

व्यापारी भी सहायता के लिए आगे आए

दिल्ली-नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष युबराज बराल के अनुसार, दिल्ली के उद्यमियों और व्यापारियों से भी नेपाल में आई बाढ़ को लेकर मदद की अपील की जा रही है. कारोबारियों की ओर से भी सहायता के लिए आगे आने की कोशिश की जा रही है.

नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में दिल्ली में रहने वाले नेपाली मूल के लोगों की पहल ने मानवीय एकजुटता की मिसाल पेश की है. अपनी मेहनत की कमाई से जुटाई गई यह राशि संकट में फंसे लोगों तक राहत पहुंचाने की कोशिश है.